एम्बुलेंस से लेकर महिला सुरक्षा तक... सिर्फ '112' पर मिलेगा हर मर्ज का इलाज; जानें कैसे बदल रहा है पूरा आपातकालीन सिस्टम

India Emergency Response Number 112: सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे 100 (पुलिस), 101 (आग), 102 और 108 (एम्बुलेंस) जैसी कई आपातकालीन हेल्पलाइन को एक ही एकीकृत नंबर 112 में मिला दें।

112 Emergency Response System: भारत का सिंगल इमरजेंसी रिस्पॉन्स नंबर 112 एक बड़े बदलाव के लिए तैयार है। यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के एक अहम आदेश के बाद होगा, जिससे पूरे देश में इमरजेंसी सहायता के काम करने का तरीका ही बदल सकता है। हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि वे 100 (पुलिस), 101 (आग), 102 और 108 (एम्बुलेंस), 1033 (हाईवे इमरजेंसी) और 1091 (महिला हेल्पलाइन) जैसी कई इमरजेंसी हेल्पलाइन को तीन महीने के अंदर एक ही 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम में मिला दें। कोर्ट ने इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स को सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले 'जीवन के अधिकार' से भी जोड़ दिया।

एम्बुलेंस से लेकर महिला सुरक्षा तक... सिर्फ '112' पर मिलेगा हर मर्ज का इलाज; जानें कैसे बदल रहा है पूरा आपातकालीन सिस्टम

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यह फैसला 'सेवलाइफ फाउंडेशन' (SaveLIFE Foundation) द्वारा दायर एक याचिका पर आया है। यह संगठन लंबे समय से भारत में सड़क सुरक्षा कानूनों को और मजबूत बनाने तथा ट्रॉमा केयर में सुधार लाने की मांग करता रहा है।

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