'दुष्कर्म एक कानूनी शब्द, न कि मेडिकल...', इलाहाबाद HC की टिप्पणी, कहा- हाइमन पुराना फटा होने से खारिज नहीं होगी पीड़िता की गवाही

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दुष्कर्म से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल मेडिकल रिपोर्ट में ‘पुराना फटा हाइमन’ (Old Torn Hymen) पाए जाने के आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ नहीं दिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि दुष्कर्म का निर्धारण केवल मेडिकल निष्कर्षों से नहीं होता और इंटरनल चोट के निशान न मिलने का मतलब यह नहीं कि पीड़िता के आरोप गलत हैं।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक दुष्कर्म से जुड़े मामले पर सुनवाई करते हुए एक अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि किसी दुष्कर्म मामले में केवल मेडिकल रिपोर्ट में ‘पुराना फटा हाइमन’ (Old Torn Hymen) पाए जाने के आधार पर आरोपी को संदेह का लाभ नहीं दिया जा सकता।

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दुष्कर्म से जुड़े मामले पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने की महत्वपूर्ण टिप्पणी। istock

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि दुष्कर्म केवल मेडिकल निष्कर्षों से तय होने वाला अपराध नहीं, बल्कि कानूनी दृष्टि से देखा जाने वाला मामला है। साथ ही, इंटरनल प्राइवेट पार्ट में चोट के निशान न मिलने का मतलब यह नहीं है कि पीड़िता की बात झूठी है या उसके आरोप अमान्य हो जाते हैं।

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