CM Yogi vs Keshav Prasad Maurya: लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के अंदर चल रही रार धीरे-धीरे सबके सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य इशारो ही इशारों में एक-दूसरे के खिलाफ तंज कर रहे हैं। पार्टी आलाकमान भले ही सबकुछ ठीक होने का दावा कर रहा हो, लेकिन यूपी से दिल्ली तक मची भागदौड़ कुछ और ही इशारा कर रही है। अब डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर से अपने तेवर दिखाए हैं।
बीजेपी की ओबीसी कार्यसमिति की बैठक में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि केवल सरकार के बल पर चुनाव नहीं जीते जाते, पार्टी ही चुनाव लड़ती है और पार्टी ही चुनाव जीतती है। उन्होंने यह भी कहा कि हम अति आत्मविश्वास की वजह से हारे। केशव प्रसाद मौर्य के इस बयान के बाद चर्चा है कि उनका इशारा सीएम योगी की ओर है।
योगी के पहुंचने से पहले ही निकल गए दोनों डिप्टी सीएम
ओबीसी कार्यसमिति की बैठक में सीएम योगी के अलावा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को भी मौजूद रहना था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएम योगी के पहुंचने से पहले ही दोनों डिप्टी सीएम वहां से निकल गए, जिसके बाद चर्चाएं और भी ज्यादा तेज हो गई हैं। इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने यह भी कहा कि समाज और सरकार एक दूसरे के पूरक हैं। सरकार और संगठन दोनों मिलकर ही सरकार चलाते हैं। बीजेपी सरकार के तमाम मुख्यमंत्रियों को नहीं पता था कि वे (योगी आदित्यनाथ) सीएम बनेंगे।
यूपी में सबकुछ ठीक नहीं?
लोकसभा चुनाव के बाद सीएम योगी और केशव प्रसाद मौर्य के बीच हुई बयानबाजी के बाद से सवाल उठ रहे हैं कि क्या यूपी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। यहां सरकार और संगठन के बीच मतभेद के कयास लगाए जा रहे हैं। यह मुद्दा भी सबसे पहले केशव प्रसाद मौर्य ने ही उठाया था। बीजेपी कार्यसमिति की बैठक में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि संगठन सरकार से बड़ा हेाता है। जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद भी उन्होंने सोशल मीडिया पर भी यह लिखा था। माना जा रहा है कि केशव प्रसाद का इशारा सीएम योगी की तरफ था।
