Air India plane turbulence: टर्बुलेंस का सामना करने वाले एयर इंडिया के विमान A320 पर एयरबस ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट भेजी है। एयरबस ने यह रिपोर्ट DFDR को डिकोड करने के बाद भेजी है। इस रिपोर्ट में एयरबस ने एयर इंडिया से हाइड्रोलिक सिस्टम की विस्तृत जांच करने के लिए कहा है। बीते 10 अगस्त को शुरुआती रिपोर्ट एयर इंडिया को भेजी गई। एयरबस ने 4 अगस्त को फुकेत से दिल्ली जा रहे एयर इंडिया का विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे उतर गया था, जिसके बाद उसने स्थिति संभाल ली थी।
बीते चार अगस्त की घटना।
जांच में सामने आई अहम बातें:
कई हाइड्रोलिक सिस्टम प्रभावित
घटना के दौरान विमान के ग्रीन, ब्लू और येलो हाइड्रोलिक सिस्टम कुछ समय के लिए प्रभावित हुए।
करीब 4 सेकंड तक फ्लाइट कंट्रोल प्रभावित
हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी के कारण विमान के एलिवेटर, एलेरॉन और स्पॉयलर अस्थायी रूप से काम नहीं कर पाए।
AP2 डिस्कनेक्ट
एयरबस के दस्तावेज के अनुसार, घटना के दौरान AP2 (ऑटोपायलट) डिस्कनेक्ट हो गया। इसके बाद फर्स्ट ऑफिसर की तरफ से विमान की नाक नीचे करने वाला पूरा इनपुट दिया गया।
हाइड्रोलिक सिस्टम धीरे-धीरे बहाल हुए
सबसे पहले ब्लू हाइड्रोलिक सिस्टम, उसके बाद येलो और ग्रीन सिस्टम ने काम करना शुरू किया। इससे विमान के फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम फिर से सक्रिय हो गए।
ग्रीन सिस्टम में संभावित समस्या
एयरबस की प्रारंभिक जांच में ग्रीन हाइड्रोलिक सिस्टम के प्रेशर स्विच 1151GN से जुड़ी एक समस्या की पहचान हुई है।
विस्तृत जांच के निर्देश
एयरबस ने एयर इंडिया से हाइड्रोलिक सिस्टम, प्रेशर स्विच और प्रेशर ट्रांसड्यूसर की विस्तृत जांच और परीक्षण करने को कहा है।
लोड एक्सीडेंस की जांच
अचानक ऊंचाई में बदलाव के दौरान विमान पर निर्धारित सीमा से अधिक लोड पड़ने के संकेत मिले हैं। इसलिए विमान का निरीक्षण जरूरी बताया गया है।
जांच अभी प्रारंभिक चरण में
एयरबस ने स्पष्ट किया है कि उसका आकलन अभी प्रारंभिक है। अंतिम निष्कर्ष से पहले सिस्टम और विमान के ढांचे की अतिरिक्त जांच की जरूरत पड़ सकती है।
सामने आई भयानक टर्बुलेंस की वजह
इसी बीच जांच रिपोर्ट में कुछ अहम जानकारियां सामने आई है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेन के पूरे कंट्रोल सर्फेसेज ने 4 सेकेंड के लिए पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया था। इसी वजह से भयानक टर्बुलेंस की स्थिति पैदा हुई थी। विमान के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की जांच में संकेत मिले हैं कि करीब चार सेकेंड तक विमान के प्रमुख कंट्रोल सर्फेस एक साथ सामान्य तरीके से काम नहीं कर रहे थे। इस दौरान एलिवेटर और एलरॉन समेत फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम पर पायलट के इनपुट का अपेक्षित असर नहीं हुआ।
