सुप्रीम कोर्ट में AI की एंट्री! ड्राफ्ट हुआ जारी, क्या-क्या करेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस?

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि AI किसी भी मामले के नतीजे की भविष्यवाणी नहीं कर सकेगा और न ही जज की भूमिका निभा सकेगा। ड्राफ्ट में कहा गया है कि कानून, तथ्यों और न्याय से जुड़े अंतिम फैसले का अधिकार केवल न्यायाधीशों के पास ही रहेगा।

AI In Supreme Court: देश की न्यायपालिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कमेटी ने 'कोर्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग संबंधी विनियम, 2026' का ड्राफ्ट जारी किया है और इस पर 20 जून तक आम जनता, वकीलों, न्यायिक अधिकारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक अदालतों में AI का इस्तेमाल न्यायिक प्रक्रियाओं को तेज और अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया जा सकेगा। AI की मदद से केस मैनेजमेंट, कॉज लिस्ट तैयार करने, सुनवाई की तारीख तय करने, मामलों की प्राथमिकता तय करने, कोर्ट की कार्यवाही का ट्रांसक्रिप्शन, फैसलों और याचिकाओं का अनुवाद, कानूनी रिसर्च, सिटेशन वेरिफिकेशन और प्रशासनिक कार्य किए जा सकेंगे।

Supreme court

SC में AI की एंट्री

जज की भूमिका नहीं निभा सकेगा

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि AI किसी भी मामले के नतीजे की भविष्यवाणी नहीं कर सकेगा और न ही जज की भूमिका निभा सकेगा। ड्राफ्ट में कहा गया है कि कानून, तथ्यों और न्याय से जुड़े अंतिम फैसले का अधिकार केवल न्यायाधीशों के पास ही रहेगा। नियमों के अनुसार अदालतों में AI केवल एक सहायक टूल के रूप में काम करेगा। AI द्वारा तैयार किसी भी सामग्री या सुझाव को मानवीय जांच और सत्यापन के बाद ही इस्तेमाल किया जाएगा। अनुवाद और ट्रांसक्रिप्शन जैसे कार्यों में भी मानव सत्यापन अनिवार्य होगा।

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