AI impact Summit Case: दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय समिट के दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ने के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दंगों से जुड़ी गंभीर धाराएं भी जोड़ी हैं। 24 फरवरी एआई शिखर सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस के प्रदर्शन मामले दिल्ली पुलिस का बयान सामने आया है।
दिल्ली पुलिस का दावा
उदय भानु चिब की गिरफ्तारी मेमो में उन्हें भारत मंडपम में गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने का मुख्य साजिशकर्ता और मास्टरमाइंड बताया गया है, जहां प्रदर्शनकारियों ने 'राष्ट्रविरोधी नारे' लगाए और 'दंगे जैसी स्थिति' पैदा करने की कोशिश की।दिल्ली की एक अदालत ने चिब को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
इस संवेदनशील मामले की जांच अब दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल CP क्राइम ब्रांच, देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा, 'अब तक की जांच के आधार पर, हमें इस बात के पक्के सबूत मिले हैं कि यह एक गहरी साज़िश के तहत किया गया था...
राजधानी के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है
चिब की गिरफ्तारी के बाद विरोध प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए पुलिस ने राजधानी के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। चिब की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है।
दिल्ली पुलिस ने भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' के दौरान हुए हंगामे और 'शर्टलेस' (बिना शर्ट के) प्रदर्शन के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मंगलवार तड़के भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है।
घंटों की पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने सोमवार सुबह उदय भानु चिब को पूछताछ के लिए तिलक मार्ग थाने बुलाया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनसे इस प्रदर्शन की योजना और इसके पीछे के 'बड़े षड्यंत्र' को लेकर लंबी पूछताछ की गई। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि मंगलवार तड़के करीब 4:30 बजे पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल तिलक मार्ग थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
उदय भानु चिब को कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा
गिरफ्तारी के बाद उदय भानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। दिल्ली पुलिस ने अदालत से चिब की सात दिन की हिरासत की मांग करते हुए कहा कि बतौर इंडियन यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उन्होंने कथित रूप से प्रदर्शन की साजिश रची और प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिक्स उपलब्ध कराया, जिसकी जांच के लिए पुलिस कस्टडी जरूरी है। वहीं, चिब की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजॉय घोष पेश हुए। उन्होंने दलील दी कि उनके मुवक्किल फरार नहीं हैं और दिल्ली में ही मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी बिना हथियार, यहां तक कि बिना लाठी के वहां पहुंचे थे, ऐसे में इसे दंगा जैसी स्थिति बताना गलत है। घोष ने यह भी टिप्पणी की कि गंभीर अपराधों के बीच पुलिस टी-शर्ट बरामद करने को मुद्दा बना रही है, जो चिंताजनक है। कोर्ट ने उदय भानु चिब को 4 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
जान लें क्या था पूरा मामला?
20 फरवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में जब अंतरराष्ट्रीय AI समिट चल रही थी, तब युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता प्रदर्शनी हॉल के अंदर घुस गए थे। इन कार्यकर्ताओं ने अचानक अपनी शर्ट उतार दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने 'PM is compromised' लिखे हुए टी-शर्ट और पोस्टर लहराए थे।
