अहमदाबाद मंडल ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 9 अगस्त 2025 को गांधीधाम क्षेत्र के सनोसरा गुड्स शेड से दहेज के लिए इंडस्ट्रियल सॉल्ट की पहली रेक रवाना की गई। इस रेक में 58 वैगनों में कुल 3851.2 टन इंडस्ट्रियल सॉल्ट लोड किया गया, जिससे रेलवे को ₹31.69 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने माल परिवहन में रचा नया इतिहास (फोटो- टाइम्स नाउ नवभारत)
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चौगुले सॉल्ट वर्क्स (प्रा.) लिमिटेड का था माल
यह माल चौगुले सॉल्ट वर्क्स (प्रा.) लिमिटेड का था। रेक ने कुल 673.57 किलोमीटर की दूरी तय की। अहमदाबाद मंडल पश्चिम रेलवे का प्रमुख माल लदान केंद्र है, जो पूरे जोन की कुल माल ढुलाई का लगभग 40% योगदान देता है। इसमें मुंद्रा, टुना टेकरा और कांडला जैसे बड़े बंदरगाह शामिल हैं, जो मंडल के कुल माल यातायात का 80% से अधिक योगदान करते हैं।
भारतीय रेल की नई सक्रिय विपणन नीति
यह सफलता भारतीय रेल की नई सक्रिय विपणन नीति का नतीजा है, जिसके तहत ग्राहकों से सीधे संवाद कर उनकी ज़रूरत के अनुसार समाधान दिए जा रहे हैं। इससे रेलवे को नया व्यवसाय मिलने के साथ उद्योगों को भी तेज, भरोसेमंद और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा मिली है।
माल परिवहन और राजस्व में और बढ़ोतरी होगी
भविष्य में अहमदाबाद मंडल में 6 और गुड्स कार्गो टर्मिनल (GCT) बनाए जाएंगे। साथ ही नलिया–वायोर नई रेल लाइन बनने से अल्ट्राटेक और अडानी सीमेंट के प्लांट्स को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे आने वाले वर्षों में मंडल के माल परिवहन और राजस्व में और बढ़ोतरी होगी।
