'मनरेगा को खत्म करने के बाद क्या अब RTI की बारी', खरगे ने मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप; साझा किया डेटा

Economic Survey: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आर्थिक समीक्षा में आरटीआई अधिनियम का फिर से अध्ययन करने की पैरवी किए जाने का हवाला देते हुए कहा कि क्या सरकार मनरेगा के बाद अब इस कानून को खत्म करना चाहती है?

Economic Survey: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आर्थिक समीक्षा में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम का फिर से अध्ययन करने की पैरवी किए जाने का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा कि क्या सरकार मनरेगा के बाद अब इस कानून को खत्म करना चाहती है?

Mallikarjun Kharge

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (फाइल फोटो)

संसद में आर्थिक समीक्षा पेश

संसद में गुरुवार को प्रस्तुत वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा में लगभग दो दशक पुराने आरटीआई कानून का फिर से अध्ययन करने की वकालत की गई है, ताकि गोपनीय रिपोर्ट और मसौदों को सार्वजनिक किए जाने से छूट प्राप्त हो। समाचार एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, आर्थिक समीक्षा में यह भी कहा गया कि आरटीआई अधिनियम 2005 का मकसद कभी भी इसे व्यर्थ की जिज्ञासा का जरिया बनाने का नहीं था, न ही इसका मकसद बाहर से बैठकर सरकार के हर छोटे-छोटे काम में दखल देना या उसे नियंत्रित करना था।

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