महादेव सट्टेबाजी मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद अब आईटी मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लिया है। अवैध सट्टेबाजी करने के आरोपों में 22 सट्टेबाजी एप्स और वेबसाइट को सरकार ने ब्लॉक करने का आदेश दिया है।
महादेव बुक को ब्लॉक करने का आदेश (प्रतीकात्मक फोटो)
ईडी की सिफारिश
महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के बीच आईटी मंत्रालय ने रविवार को महादेव बुक ऑनलाइन और अन्य 21 सट्टेबाजी ऐप्स और वेबसाइटों के खिलाफ एक आदेश जारी किया। ईडी की सिफारिश के बाद सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत आदेश जारी किया गया है।
क्या बोले आईटी मिनिस्टर
आईटी राज्य मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने एक बयान में कहा- "छत्तीसगढ़ सरकार के पास धारा 69ए आईटी अधिनियम के तहत वेबसाइट/ऐप को बंद करने की सिफारिश करने की पूरी शक्ति थी। हालाँकि, उन्होंने ऐसा नहीं किया और राज्य सरकार द्वारा ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया गया, जबकि वे पिछले 1.5 वर्षों से इसकी जांच कर रहे हैं। दरअसल, ईडी से पहला और एकमात्र अनुरोध प्राप्त हुआ है और उस पर कार्रवाई की गई है। किसी ने भी छत्तीसगढ़ सरकार को इसी तरह का अनुरोध करने से नहीं रोका।"
ईडी का दावा
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को दावा किया था कि फॉरेंसिक विश्लेषण और एक 'कैश कूरियर' (नकदी पहुंचाने वाले व्यक्ति) द्वारा दिए गए बयान से ये "चौंकाने वाले आरोप" सामने आए हैं कि महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रवर्तकों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को अब तक लगभग 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया है और ''यह जांच का विषय है।'' कथित एजेंट, 38 वर्षीय असीम दास के पास से 5.39 करोड़ रुपये नकद बरामद करने के बाद उसे एजेंसी ने रायपुर में गिरफ्तार कर लिया। उसे कथित तौर पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से ऐप के प्रवर्तकों द्वारा "विशेष रूप से, (छत्तीसगढ़ में) सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार खर्चों के लिए बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने के वास्ते" भेजा गया था।
