CWC Meeting: कांग्रेस कार्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) पर तीखा हमला बोला है। खरगे ने आरोप लगाया कि 10 साल पहले 'नोटबंदी' से देश की अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब 'वोटबंदी' की साजिश रचकर भारत के मजबूत लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। खरगे ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा मांगा। ॉ बैठक में CPP अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी में खरगे ने कहा कि जैसे अंग्रेजों के शासनकाल में वोट का अधिकार छीना गया था, वैसे ही आज फिर से भारत के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी कांग्रेस के कंधों पर आ खड़ी हुई है।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मीटिंग में सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे
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मुख्य चुनाव आयुक्त को बताया 'कठपुतली'
खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग मोदी सरकार की कठपुतली बन चुका है। चुनाव आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों द्वारा ही आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जब मुख्य चुनाव आयुक्त पर उनके अपने साथी ही भरोसा नहीं कर रहे, तो देश कैसे भरोसा कर सकता है? उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल पद से हटाने और प्रधानमंत्री से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की।
युवाओं और वंचितों के वोट छीनने का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राजीव गांधी ने युवाओं को अधिकार देने के लिए मतदान की उम्र 21 से घटाकर 18 वर्ष की थी, लेकिन मोदी सरकार GenZ से घबराकर Form-6 के नियमों में चुपचाप बदलाव कर युवाओं को मताधिकार से बेदखल कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर ने मताधिकार को लोकतंत्र की सर्वाधिक मौलिक चीज बताया था, लेकिन आज अफसरों की मनमर्जी से दलितों, गरीबों और वंचितों के नाम मतदाता सूची से गायब किए जा रहे हैं।
राहुल गांधी के स्टैंड की सराहना
खरगे ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने महादेवपुरा, अलंद, हरियाणा और महाराष्ट्र के मामलों में दस्तावेजों के साथ जो विसंगतियां, डुप्लीकेट मतदाता और संदिग्ध पतों के तथ्य उजागर किए थे, वे पूरी तरह सही साबित हुए हैं।
कांग्रेस की 5 मुख्य मांगें
बैठक के दौरान खरगे ने निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस की पांच प्रमुख मांगें रखीं:
डेटा सार्वजनिक हो: मतदाता सूची में होने वाले हर बड़े बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।
अपील का मौका: जिन वोटरों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें सूचित कर अपील का पूरा अवसर मिले।
सरल प्रारूप में डेटा: राजनीतिक दलों को मतदाता सूची का आवश्यक डेटा समय पर और सरल फॉर्मेट में उपलब्ध हो।
स्वतंत्र जांच: जहां भी मतदाता सूची में गंभीर विसंगतियों के प्रमाण मिलें, वहां स्वतंत्र व समयबद्ध जांच कराई जाए।
पूर्ण पारदर्शिता: चुनाव प्रक्रिया से जुड़े फैसलों में ऐसी पारदर्शिता हो कि जानकारी छिपाने का कोई अवसर न रहे।
खरगे ने अंत में कहा कि आने वाले पांच राज्यों के चुनावों को देखते हुए कांग्रेस हर नागरिक के वोट के अधिकार की रक्षा करेगी और लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी।
