अफगानिस्तान के वाणिज्य और उद्योग मंत्री अल्हाज नूरुद्दीन अजीजी ने भारत दौरे के बाद अफगानिस्तान को “निवेश का स्वर्ग” बताया है। उन्होंने कहा कि भारत और अफगानिस्तान, दोनों के निजी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की गहरी इच्छा दिखाई दे रही है, जो भविष्य के आर्थिक संबंधों की सबसे बड़ी ताकत है।
अफगानिस्तान के वाणिज्य और उद्योग मंत्री अल्हाज नूरुद्दीन अजीजी ने भारत को दिया निवेश का ऑफर।(फोटो सोर्स: ANI)
अजीजी ने कहा कि भारतीय निजी क्षेत्र की अफगानिस्तान में निवेश की रुचि अन्य देशों की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत है। उनके मुताबिक, “यहां के निजी क्षेत्र में अफगानिस्तान में निवेश करने की बेहद उत्सुकता है। वे पहले भी अफगानिस्तान के साथ काम कर चुके हैं और वहां अपार अवसर मौजूद हैं।”
मंत्री ने वैश्विक निवेशकों को भी खुला निमंत्रण देते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अफगानिस्तान में तेजी से लाभ कमाने और व्यापार स्थापित करने की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “अफगानिस्तान निवेश के लिए एक उत्कृष्ट भूमि है। हम इसे निवेश का स्वर्ग मानते हैं।”
अजीजी ने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाने की वकालत की
पांच दिवसीय भारत दौरे के दौरान अजीजी ने ASSOCHAM के अधिकारियों से मुलाकात की और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। रविवार को उन्होंने स्पाइसेज बोर्ड ऑफ इंडिया के सदस्यों के साथ बैठक की, जिसमें मसाला व्यापार बढ़ाने और संयुक्त निवेश की संभावनाओं पर बात हुई।
यह दौरा अफगानिस्तान की अंतरिम प्रशासनिक सरकार की भारत के साथ आर्थिक संबंधों को दोबारा मजबूत करने और विदेशी निवेश आकर्षित करने की इच्छा को दर्शाता है।
सोना खनन समेत नए क्षेत्रों में पांच साल की टैक्स छूट
गोल्ड माइनिंग पर जोर देते हुए कहा कि अजीजी ने बताया कि अफगानिस्तान में कई क्षेत्रों में बड़ा निवेश अवसर मौजूद है और प्रतिस्पर्धा भी कम है। उन्होंने कहा कि नए सेक्टरों में आने वाली कंपनियों को भूमि उपलब्ध कराने के साथ-साथ टैरिफ में भी विशेष छूट दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियां यदि निवेश हेतु मशीनरी आयात करती हैं तो उन पर केवल 1% शुल्क लगेगा। इसके अलावा नए क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को पांच साल की टैक्स छूट मिलेगी। मंत्री ने बताया कि यदि भारतीय कंपनियां निवेश के लिए मशीनरी आयात करती हैं, तो उनसे केवल 1 प्रतिशत टैरिफ लिया जाएगा।
