अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए- भारत की तालिबान को दो टूक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 7, 2023, 09:57 PM IST

दिल्ली में अफगानिस्तान पर भारत-मध्य एशिया संयुक्त कार्यकारी समूह की पहली बैठक में युद्ध से तबाह देश के हालात पर गहन चर्चा हुई। एक संयुक्त बयान में कहा गया कि बैठक में ‘सही मायने में समावेशी और प्रतिनिधिक राजनीतिक ढांचे’ के गठन के महत्व पर जोर दिया गया, जो सभी अफगानियों के अधिकारों का सम्मान करे और शिक्षा तक पहुंच सहित महिलाओं, लड़कियों और अल्पसंख्यक समूहों के सदस्यों के समान अधिकार को सुनिश्चित करे।

भारत ने अफगानिस्तान को लेकर साफ कर दिया है, अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए। भारत और पांच मध्य एशियाई देशों की दिल्ली में एक बैठक हुई, जिसमें एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि तालिबान को अफगानियों के अधिकारों का सम्मान करना होगा।

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अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं किया चाहिए: भारत (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

कौन-कौन से देश से शामिल

दिल्ली में अफगानिस्तान पर भारत-मध्य एशिया संयुक्त कार्यकारी समूह की पहली बैठक में युद्ध से तबाह देश के हालात पर गहन चर्चा हुई। मेजबान भारत के अलावा बैठक में कजाकिस्तान, किर्गिज गणराज्य, तजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के विशेष राजनयिकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ और अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) और संयुक्त रार्ष्ट विश्व खाद्यान्न कार्यक्रम (यूएनडब्ल्यूएफपी) के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

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