Adhir Ranjan Chowdhury steps down as Bengal Congress chief: अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। उन्होंने ये ऐलान कांग्रेस कमेटी की राज्य इकाई की बैठक के बाद किया, जो हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में पार्टी के खराब प्रदर्शन के पीछे के कारणों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी।
अधीर रंजन चौधरी का इस्तीफा।
अधीर रंजन चौधरी ने अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी के बीच दरार बढ़ाने के लिए सबसे अधिक श्रेय अधीर रंजन को ही दिया जाता है। लोकसभा चुनाव से पहले ही उनके बयानों को लेकर काफी सवाल उठता रहा है। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया है या नहीं। अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए चौधरी ने दावा किया कि वह सिर्फ कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष थे।
मल्लिकार्जुन खड़गे पर अधीर रंजन का तीखा तंज
अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "जब से मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं, तब से कोई प्रदेश अध्यक्ष नहीं था। अब जब पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति होगी, तो आप सभी को यह पता चल जाएगा।" उन्होंने यह घोषणा कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के राज्य सचिवालय नबन्ना में आने और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ 35 मिनट लंबी बैठक करने के ठीक एक दिन बाद की।
यूसुफ पठान ने अधीर रंजन को हराया चुनाव
मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर लोकसभा सीट से पांच बार कांग्रेस के टिकट पर सांसद रहे अधीर रंजन चौधरी को इस बार के लोकसभा चुनाव 2024 में तृणमूल कांग्रेस के सेलिब्रिटी उम्मीदवार और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी यूसुफ पठान ने करारी शिकस्त दी है। तृणमूल के साथ कांग्रेस के संबंधों के मुद्दे पर चौधरी के पार्टी आलाकमान के साथ मतभेद काफी समय से सामने आ रहे थे।
चुनाव के बीच खड़गे से मतभेद आए सामने
तृणमूल कांग्रेस के कट्टर विरोधी रुख के लिए जाने जाने वाले अधीर रंजन चौधरी हमेशा सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के साथ चुनावी समझौते पर अपने विचारों के बारे में मुखर रहे हैं। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ उनके मतभेद भी लोकसभा चुनावों के बीच में सामने आए थे।
कौन होगा अगला पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष?
अधीर रंजन के इस्तीफे की घोषणा के बाद, उनके उत्तराधिकारी को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। राज्य कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि मालदा दक्षिण से वर्तमान पार्टी के लोकसभा सदस्य ईशा खान चौधरी, जो पश्चिम बंगाल से अब एकमात्र पार्टी लोकसभा सदस्य हैं, पार्टी की राज्य इकाई में शीर्ष पद के लिए इस रेस में आगे चल रहे हैं।
