Ladakh Statehood Protest: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख में बीते दिनों घटित घटनाओं को लेकर एक विस्तृत बयान जारी किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार लद्दाख के लोगों की आकांक्षाओं और संवैधानिक अधिकारों को लेकर गंभीर है तथा इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम भी उठाए गए हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग संवाद की प्रक्रिया को असफल करने और माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (फोटो साभार: @Wangchuk66)
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल से उठा विवाद
10 सितंबर 2025 को सोनम वांगचुक ने लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। सरकार ने बयान में कहा है कि इन्हीं मुद्दों पर केंद्र सरकार Apex Body Leh और Kargil Democratic Alliance के साथ सक्रिय और लगातार बातचीत कर रही है।
सरकार और स्थानीय संगठनों के बीच लगातार बातचीत
उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) और उप-समितियों के औपचारिक मंचों पर तथा अनौपचारिक बैठकों में कई दौर की चर्चाएं पहले ही हो चुकी हैं। सरकार ने यह भरोसा दिलाया कि यह संवाद आगे भी जारी रहेगा।
आरक्षण और भाषाई पहचान पर बड़ी उपलब्धियां
गृह मंत्रालय ने संवाद की इस प्रक्रिया को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से अब तक कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण को 45% से बढ़ाकर 84% किया गया, परिषदों में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण दिया गया, भोटी और पुर्गी भाषाओं को आधिकारिक भाषा का दर्जा मिला तथा 1800 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई।
24 सितंबर को हिंसा और आगजनी
बयान में कहा गया कि 24 सितंबर को सोनम वांगचुक के भड़काऊ भाषणों से प्रभावित भीड़ ने लेह में हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया। इस दौरान भीड़ ने राजनीतिक दल और सरकारी कार्यालयों पर हमला किया, आगजनी की और सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजी की। इस हिंसा में 30 से अधिक पुलिस और सीआरपीएफ कर्मी घायल हुए।
गृह मंत्रालय की अपील: अफवाहों से बचें
गृह मंत्रालय ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में सोनम वांगचुक ने उपवास तोड़कर अपने गांव का रुख किया, लेकिन स्थिति संभालने की कोई कोशिश नहीं की। मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि वे पुराने वीडियो, अफवाहें और भड़काऊ सामग्री सोशल मीडिया पर साझा न करें।
लद्दाख के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध
अपने बयान के अंत में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार लद्दाख के लोगों की सांस्कृतिक पहचान, राजनीतिक अधिकारों और संवैधानिक सुरक्षा उपायों को लेकर पूरी तरह कटिबद्ध है। आने वाले समय में भी लद्दाख के हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक कदम उठाए जाते रहेंगे।
