भारत ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को घोषणा की कि देश ने अपनी कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त कर लिया है। यह लक्ष्य भारत ने 2030 की निर्धारित समयसीमा से पांच साल पहले ही हासिल कर लिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो- PTI)
पीएम मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के सोशल मीडिया पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए लिखा: “यह उपलब्धि हमारे हरित और टिकाऊ भविष्य के प्रति देश की प्रतिबद्धता और प्रयासों को दर्शाती है।”
जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक नेतृत्व
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि यह सफलता भारत की जलवायु समाधान में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि देश की कुल 484.8 गीगावाट स्थापित बिजली क्षमता में से 242.8 गीगावाट अब गैर-जीवाश्म आधारित स्रोतों से आ रही है। इसमें सौर, पवन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा जैसे स्रोत शामिल हैं। जोशी ने लिखा: “यह हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का हरित परिवर्तन एक आत्मनिर्भर और टिकाऊ भविष्य की ओर बढ़ रहा है।”
स्किल इंडिया मिशन: आत्मनिर्भर युवाओं की ओर कदम
इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने ‘स्किल इंडिया’ मिशन की सफलता पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एक पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा: “स्किल इंडिया हमारे युवाओं को कुशल और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को मजबूत कर रहा है।”
स्किल इंडिया मिशन से युवा हो रहे सशक्त
भारत सरकार के नागरिक सहभागिता मंच माई गॉव इंडिया ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि पिछले दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन में स्किल इंडिया मिशन ने भारत के कौशल विकास तंत्र को बदल दिया है और उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार कार्यबल का निर्माण किया है। पोस्ट में आगे बताया गया कि एक हजार से ज्यादा सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के उन्नयन से लेकर विश्वस्तरीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने तक एमएसडीई ने इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोटिव, नवीकरणीय ऊर्जा और आईटी जैसे क्षेत्रों में आधुनिक मांग-आधारित प्रशिक्षण बुनियादी ढांचा बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।
