Kejriwal Arrest Update: दिल्ली आबकारी मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल से जो पूछताछ की जायेगी,वो सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी,और फुटेज को सुरक्षित रखा जाए ऐसा कोर्ट का ऑर्डर है, वहीं 28 मार्च की दोपहर दो बजे तक अरविंद केजरीवाल को जांच एजेंसी को कोर्ट में पेश करना होगा।
केजरीवाल से जो पूछताछ की जायेगी,वो सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी
सीआरपीसी के सेक्शन 41 D के तहत आरोपी अरविंद केजरीवाल को अपने वकील मोहम्मद इरशाद और विवेक जैन से शाम 6 बजे से लेकर 7 बजे तक मिलने की इजाजत दी गई।
हर रोज पत्नी सुनीता और निजी सचिव से मिलने की इजाजत
अरविंद केजरीवाल को हर रोज आधे घंटे उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल और निजी सचिव विभव कुमार से मिलने की इजाजत दी गई। अरविंद केजरीवाल की खराब सेहत को देखते हुए कोर्ट ने ED को आदेश दिया है कि वो डॉक्टर्स द्वारा सुझाई गई डाइट उन्हे मुहैया नहीं करवाते है तो उन्हे घर का खाना खाने की इजाजत है।
28 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया
गौर हो कि राजधानी की एक अदालत ने शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में 28 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया।ईडी ने अदालत में दावा किया कि कथित आबकारी घोटाला मामले में अपराध से अर्जित कमाई की 'बड़ी लाभार्थी' रही आम आदमी पार्टी द्वारा धनशोधन कराए जाने के लिए केजरीवाल ने दिल्ली का मुख्यमंत्री होने का फायदा उठाया।राउज एवेन्यू अदालत में विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष ईडी ने केजरीवाल की हिरासत का अनुरोध करते हुए कहा, ‘‘दिल्ली सरकार के मंत्रियों, आप नेताओं और अन्य व्यक्तियों के साथ सांठगांठ करने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली आबकारी घोटाले के सरगना और मुख्य षड्यंत्रकारी हैं।’’
एजेंसी ने दावा किया है कि आप 'प्रमुख लाभार्थी' थी
मामले में ईडी की दो साल की जांच के दौरान यह पहली बार है जब एजेंसी ने दावा किया है कि आप 'प्रमुख लाभार्थी' थी। केजरीवाल की 10 दिन की हिरासत की मांग करने वाली ईडी की याचिका पर दलीलों के दौरान, मुख्यमंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने दावा किया कि आबकारी नीति मामले में 200 से अधिक छापों के बावजूद आप नेता की अपराध में संलिप्तता दिखाने वाली कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
' साउथ ग्रुप' से रिश्वत के रूप में कई करोड़ रुपये मिले'
अधिवक्ता ने कहा कि यह साबित करने के लिए कोई सबूत या सामग्री नहीं है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आबकारी नीति में कुछ गलत किया या कोई लाभ प्राप्त किया।उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी ने राजनीतिक प्रतिशोध के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपने अधिकार का दुरुपयोग किया है।ईडी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 तैयार करने और लागू करने के लिए 'साउथ ग्रुप' से रिश्वत के रूप में कई करोड़ रुपये मिले बाद में, इस नीति को रद्द कर दिया गया था।
ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चुनाव लड़ने के लिए 'साउथ ग्रुप' के कुछ आरोपियों से कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की मांग की।इसने आरोप लगाया कि अपराध से अर्जित इस आय का एक हिस्सा, लगभग 45 करोड़ रुपये का इस्तेमाल गोवा विधानसभा चुनावों में आप के चुनाव प्रचार अभियान में किया गया था।संघीय एजेंसी ने दावा किया कि ये धनराशि चार अंगड़िया के माध्यम से गोवा में स्थानांतरित की गई थी।अंगड़िया नेटवर्क भारी नकद धनराशि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए जाना जाता है।
ईडी ने कहा, ‘‘इस तरह, आप ने अरविंद केजरीवाल के माध्यम से धनशोधन का अपराध किया है और इस प्रकार अपराध पीएमएलए की धारा 70 के तहत आते हैं।’’ एजेंसी द्वारा केजरीवाल को गिरफ्तार किए जाने के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी समेत देशभर में आम आदमी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन किया।
एजेंसी इनपुट के साथ
