कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के पार्टी कार्यालय को प्रशासन द्वारा हटाए जाने के बाद अभिषेक बनर्जी ने सुवेंदु सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
अवैध निर्माण का आरोप, TMC सांसद के दफ्तर पर चला बुलडोजर।
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि जिस जमीन पर पार्टी कार्यालय बनाया गया था, वह विधिवत खरीदी गई थी और भवन निर्माण से पहले सभी आवश्यक मंजूरियां ली गई थीं। उन्होंने कहा कि कार्यालय पूरी तरह वैध था और उसके सभी दस्तावेज अदालत में पेश किए जाएंगे।
'यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई'
पत्रकारों से बातचीत में अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने भाजपा के साथ मिलकर यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने वास्तव में अवैध निर्माण किया है तो प्रशासन को कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं था। उन्होंने कहा कि यह सरकारी जमीन नहीं है। जमीन खरीदी गई थी और भवन स्वीकृत नक्शे के अनुसार बनाया गया था। हमारे पास सभी वैध मंजूरियां और दस्तावेज मौजूद हैं।
हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग
अभिषेक बनर्जी ने बताया कि टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) को पत्र भेजा है। इसके साथ कुछ वीडियो भी सौंपे गए हैं, जिनमें कथित तौर पर पार्टी कार्यालय तोड़े जाने के दौरान भाजपा कार्यकर्ता परिसर में तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले में हाईकोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग करेगी और जरूरत पड़ने पर उच्चतम न्यायालय का भी रुख करेगी।
भाजपा को दी राजनीतिक चेतावनी
टीएमसी नेता ने भाजपा पर प्रशासन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि वर्ष 2031 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन होता है तो कानून के दायरे में रहकर भाजपा कार्यालयों के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि हर कार्रवाई की समान और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। यदि मैं जीवित रहा तो 2031 के चुनाव के बाद कानून के तहत इसका जवाब ब्याज सहित मिलेगा।
'बुलडोजर मॉडल' पर साधा निशाना
इस दौरान अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव से पहले पार्टी जनता के लिए योजनाओं की बात करती है, लेकिन अब उसका असली चेहरा 'बुलडोजर मॉडल' के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर के जरिए ताकत दिखाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इससे तृणमूल कांग्रेस कमजोर नहीं होगी बल्कि और मजबूत होकर उभरेगी।
अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई
बता दें कि इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। यह कार्रवाई दक्षिण 24 परगना जिले के अमताला-बारुईपुर रोड स्थित उनके कार्यालय पर की गई। जिला प्रशासन का दावा है कि यह इमारत बिना स्वीकृत भवन योजना के अवैध रूप से बनाई गई थी। इसी आधार पर इसे अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण (Demolition) की कार्रवाई शुरू की गई।
विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से बंद था कार्यालय
इससे पहले प्रशासन ने एक नोटिस चिपकाकर आरोप लगाया था कि यह इमारत बिना मंज़ूरी के बनाई गई थी। विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से यह कार्यालय बंद था। जिला प्रशासन का दावा है कि यह कार्यालय अवैध रूप से बनाया गया था। फिलहाल प्रशासन की ओर से बुलडोजर कार्रवाई जारी है। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
