Kiren Rijiju on Abhijit Dipke: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि वे आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ता हैं और जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन में खुद को छात्र नेता के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। समाचार एजेंसी एएनआई से एक साक्षात्कार के दौरान किरेन रिजिजू ने कहा कि हालांकि प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दे और चिंताएं पूरी तरह जायज हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस पूरे आंदोलन को हाइजैक करने का प्रयास किया है।
किरेन रिजिजू का दिपके पर निशाना
छात्र बनाम राजनीतिक अवसरवाद
रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार छात्रों की शिकायतों और मांगों को गंभीरता से लेती है, लेकिन छात्र सक्रियता और राजनीतिक अवसरवाद के बीच अंतर होना चाहिए। 'आप' से संबंध पर सवाल को लेकर उन्होंने कहा, छात्रों की मांगें जायज हैं, लेकिन 'आप' और अन्य दलों द्वारा स्थिति को भड़काने और भुनाने की कोशिश गलत है। ये जो अभिजीत दिपके हैं हमारे अपने लड़के हैं, महाराष्ट्र से हैं और बौद्ध हैं। लेकिन वे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता रहे हैं। वे अचानक 'छात्र नेता' कैसे बन गए? केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छात्र ऊर्जा और जुनून से भरे होते हैं और सरकार उनसे सीधे संवाद के लिए तैयार है। लेकिन जब राजनीतिक दल चुनावी हार के बाद छात्रों की आड़ में अपनी राजनीतिक कुल्हाड़ी तेज करने (स्वार्थ सिद्ध करने) की कोशिश करते हैं, तो यह कतई स्वीकार्य नहीं है।
जेन-जी को लेकर रिजिजू की सफाई
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के युवा पीढ़ी (Gen Z) से कटे होने के आरोपों को खारिज करते हुए रिजिजू ने कहा कि एशियाई समाज में पारिवारिक रिश्ते बहुत मजबूत होते हैं और परंपरा के अनुसार युवा अपने बड़ों की बात सुनते हैं। युवा हमारे अपने बच्चे हैं। अगर कोई उन्हें लगातार केवल मांगें करने के लिए उकसाता रहेगा, तो उस खाई को पाटने में समय लगेगा। हमें उनकी बात सुननी भी होगी और उन्हें समझाना भी होगा। इसके लिए लगातार संवाद जरूरी है।
अभिजीत दिपके और CJP की पृष्ठभूमि
व्यंग्यात्मक आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की शुरुआत करने से पहले अभिजीत दिपके आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ जुड़े रहे हैं। 2021 से 2024 के बीच उनके सोशल मीडिया अकाउंट X की पुरानी पोस्ट्स में AAP के प्रति उनका समर्थन साफ दिखता है, जिससे उनके वर्तमान राजनीतिक संबंधों को लेकर अटकलें तेज हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान 'कॉकरोच' टिप्पणी के विरोध में उपजे इस आंदोलन के बाद गठित CJP ने स्पष्ट किया है कि वे कोई राजनीतिक दल नहीं बना रहे हैं, बल्कि केवल एक 'प्रेशर ग्रुप' के रूप में काम करेंगे।
'स्कूल ठीक करो' अभियान
CJP फिलहाल ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए 'स्कूल ठीक करो' अभियान चला रही है। जून और जुलाई में CJP के नेतृत्व में जंतर मंतर पर हुए व्यापक छात्र आंदोलन और प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था। इस आंदोलन को AAP और समाजवादी पार्टी (SP) समेत कई विपक्षी दलों का समर्थन मिला था।
