Punjab AAP Protest: पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा में शामिल हुए कुछ राज्यसभा सांसदों (Rajya Sabha MPs controversy) के खिलाफ पूरे राज्य में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग जिलों में रैलियां निकालीं और इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की। AAP का कहना है कि जिन नेताओं को जनता के भरोसे और पार्टी के समर्थन से राज्यसभा भेजा गया था, उन्होंने बाद में भाजपा का दामन थामकर जनता के जनादेश के साथ धोखा किया है। पार्टी नेताओं ने इसे पंजाब की जनता के विश्वास के खिलाफ कदम बताया।
सातों सांसदों का राज्यसभा सदस्यता रद्द करने की मांग तेज
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि राज्यसभा सांसदों का काम राज्य की आवाज संसद तक पहुंचाना होता है, लेकिन कुछ सांसदों ने अपनी जिम्मेदारी छोड़कर राजनीतिक लाभ के लिए दूसरी पार्टी का रास्ता चुन लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम लगभग तीन करोड़ पंजाबियों के भरोसे को ठेस पहुंचाने जैसा है। मंत्री लाल चंद कटारूचक ने भी इन घटनाओं की आलोचना करते हुए कहा कि जिन लोगों को जनता की आवाज उठाने के लिए चुना गया था, उन्होंने ही जनता के हितों को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कदम पंजाब के हितों के खिलाफ हैं और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है।
AAP के मंत्रियों ने लगाए गंभीर आरोप
वहीं मंत्री बरिंदर गोयल ने कहा कि राजनीति में दल बदलना नया नहीं है, लेकिन जनता ऐसे नेताओं को लंबे समय तक याद नहीं रखती। उनके अनुसार, इस तरह के फैसलों से राजनीति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है, बल्कि लोगों के सामने नेताओं की असली सोच और इरादे उजागर हुए हैं। AAP विधायक बलकार सिंह सिद्धू ने कहा कि जनता का विश्वास तोड़ने वाले नेताओं को इतिहास में अच्छी नजर से याद नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन नेताओं को पहचान और सम्मान दिया, लेकिन उन्होंने उस भरोसे को बनाए नहीं रखा।
कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
विधायक मनिंदर सिंह ग्यासपुरा ने कहा कि इन सांसदों का चयन जनता के समर्थन से हुआ था, लेकिन बाद में उन्होंने अपने राजनीतिक फायदे के लिए दूसरी पार्टी का रास्ता चुना। उन्होंने मांग की कि ऐसे सांसदों की राज्यसभा सदस्यता तुरंत खत्म की जानी चाहिए। AAP कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन के दौरान कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर चले गए हैं, वे समय के साथ राजनीतिक रूप से हाशिए पर चले जाएंगे और लोग उन्हें भूल जाएंगे। कार्यकर्ताओं ने इसे जनता के विश्वास के साथ धोखा बताया।
प्रदर्शन जिला मुख्यालयों और औद्योगिक इलाकों तक फैला
पूरे पंजाब में हुए इन प्रदर्शनों के दौरान कई जगहों पर नारेबाजी हुई और कार्यकर्ताओं ने अपने गुस्से का इजहार किया। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध भी दर्ज कराया। कई जिलों में यह प्रदर्शन जिला मुख्यालयों और औद्योगिक इलाकों तक फैला। पार्टी का आरोप है कि यह पूरी स्थिति भाजपा की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है, जिसे वे 'ऑपरेशन लोटस' कहते हैं। AAP नेताओं का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों का मकसद राज्य की सरकार और विकास कार्यों को प्रभावित करना है।
पार्टी पूरी तरह से एकजुट-AAP
AAP नेताओं ने यह भी कहा कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट है और इन घटनाओं से उसकी राजनीतिक स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका दावा है कि पंजाब के विकास और जनता की भलाई के काम बिना रुके जारी रहेंगे। कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो इस पूरे मामले ने पंजाब की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां AAP इसे जनता के साथ धोखा बता रही है, वहीं भाजपा और संबंधित नेता इस पर अलग पक्ष रखते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है।
