Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने लद्दाख के अधिकारों के लिए पिछले 19 दिनों से अनशन पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk fast) का समर्थन करते हुए सरकार को चेतावनी दी। केजरीवाल ने कहा कि देश में तानाशाही का माहौल है, जहां हक की आवाज उठाने वाले शिक्षकों और युवाओं को गिरफ्तार कर उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
सोनम वांगचुक के समर्थन में आए केजरीवाल
अपने संबोधन में केजरीवाल ने कहा, "मैं सोनम वांगचुक को सलाम करता हूं, जो अपने लिए नहीं बल्कि लद्दाख के लोगों और हमारे देश के युवाओं के भविष्य के लिए अनशन कर रहे हैं।" इसके साथ ही उन्होंने देश के उन सभी शिक्षकों और बुद्धिजीवियों का भी समर्थन किया, जिन्हें अपने राज्यों में आवाज उठाने के कारण जेलों में डाल दिया गया।
पेपर लीक और युवाओं की आत्महत्या पर जताई चिंता
खुद आईआईटी के छात्र रहे केजरीवाल ने आज की परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जब हमने परीक्षा दी थी, तब पेपर लीक जैसी चीजें नहीं सुनी जाती थीं। लेकिन आज यह हर साल का नियम बन चुका है। पेपर लीक होता है, कमेटी बनती है, जांच का नाटक होता है और फिर अगले पेपर लीक की तैयारी शुरू हो जाती है।" उन्होंने बेहद भावुक होते हुए कहा कि इस भ्रष्ट सिस्टम के कारण हाल ही में 30 मासूम बच्चों ने आत्महत्या कर ली। हमारे देश का युवा इस व्यवस्था को अब और बर्दाश्त नहीं करेगा।
इतिहास से सबक लेने की चेतावनी
केजरीवाल ने साल 2011 के अन्ना आंदोलन के दिनों को याद करते हुए वर्तमान सरकार के रवैये की तुलना तत्कालीन कांग्रेस सरकार से की। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "4 अप्रैल 2011 को इसी जगह अन्ना आंदोलन हुआ था। तब की सरकार को भी बहुत घमंड था और आज की सरकार को भी बहुत घमंड है। मैं साफ कहना चाहता हूं कि युवाओं की बात सुन लो, वरना 3 साल बाद आपका भी वही हश्र होगा जो उनका 2014 के चुनावों में हुआ था।"
