SheSpeaks by Aambra: आम्ब्रा फाउंडेशन ने शीस्पीक्स (SheSpeaks) के 15वें संस्करण का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मकसद महिला उद्यमियों, लेखकों, कवियों और कलाकारों को एक साथ लाना और समाज के सभी क्षेत्रों में समावेशी वातावरण को बढ़ावा देकर महिलाओं को सशक्त बनाना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनीता बख्शी (संस्थापक) ने की। जिसमें उद्यमशीलता (एंटरप्रेन्योरशिप) के क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में कई महत्वपूर्व दृष्टिकोणों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में कई आकर्षक किताबों पर चर्चाएं हुईं, कविता पाठ हुआ और एंटरप्रेन्योर वुमेन की सफलता की कहानियां सुनाई गईं।
आम्ब्रा फाउंडेशन ने शीस्पीक्स कार्यक्रम के 15वें संस्करण का आयोजन किया।
पैनल डिसकशन और पुस्तक पर हुई चर्चा
कार्यक्रम की शुरुआत कई क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों के एक पैनल चर्चा से हुई। विनीता द्वारा संचालित इस चर्चा में "उद्यमी महिलाएं" से संबंधित विषय पर चर्चा की गई। साथ ही जम्मू-कश्मीर की रेजिडेंट कमिश्नर रश्मि सिंह ने पेशेवर क्षेत्र में अपने अनुभव से हासिल की हुई ऊंचाई को साझा किया। पैनल डिसकशन के बाद मौजूद लोगों ने डॉ. आनंद रंगनाथन के नेतृत्व में एक पुस्तक चर्चा का अनुभव किया। डॉ. रंगनाथन ने अपनी पुस्तक "हिंदू राष्ट्र में हिंदू" से वहां उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने युवाओं द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब भी दिया और उन्हें अपने काम में खोजे गए विषयों के साथ जोड़ा।
कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियों ने की शिरकत
शीस्पीक्स के 15वें संस्करण में नेताओं, सरकारी अधिकारियों, उद्यमियों, कवियों, लेखकों और प्रमुख निगमों एवं व्यवसायों के अधिकारियों सहित प्रमुख हस्तियों को शामिल किया गया। सेमिनार की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस दौरान जम्मू-कश्मीर की रेजिडेंट कमिश्नर रश्मि सिंह (आईएएस), व्यापार एवं कर विभाग के विशेष आयुक्त अजय कुमार बिष्ट (आईएएस), सिडबी के उप महाप्रबंधक सौरभ बाजपेयी, शीरोज की सीईओ सायरी चहल, एक्सेंचर टेक्नोलॉजी के वीपी और मार्केट यूनिट हेड अजय मिश्रा, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के लेखक और प्रोफेसर डॉ. आनंद रंगनाथन, आरवी सॉल्यूशंस की संस्थापक और सीईओ वंदना सेठ और अम्ब्रा फाउंडेशन की संस्थापक और अध्यक्ष विनीता बख्शी शामिल थीं।
शीस्पीक्स बाय आम्ब्रा।
इस कार्यक्रम ने कला का भी प्रदर्शन किया गया। जिसमें कवियों ने महिलाओं के विषय पर भावपूर्ण छंद सुनाए। उनके शब्दों की गहराई ने हर किसी के मन को छू लिया, जिससे सशक्तिकरण और समानता का जिक्र था। कार्यक्रम के समापन में महिला उद्यमियों ने अपनी व्यक्तिगत कहानियों को साझा किया और अपने सफर में आने वाली चुनौतियों और जीत की कहानी सुनाई।
इस मौके पर विनीता बख्शी ने कहा, 'हम विचारों और अनुभवों के इस तरह के जीवंत आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने के लिए रोमांचित हैं। आज प्रदर्शित की गई आवाज़ों और दृष्टिकोणों की विविधता एक समावेशी वातावरण को बढ़ावा देने के महत्व को रेखांकित करती है, जहां महिलाएं उद्यमशीलता के प्रयासों में सफल हो सकती हैं।' बता दें, आम्ब्रा फाउंडेशन, भारत सरकार द्वारा पंजीकृत और 80 जी अनुमोदित गैर-लाभकारी संगठन (NGO) है, जिसका उद्देश्य कौशल विकास, परामर्श, सूचना प्रसार, सेमिनार, कार्यशालाओं, अनौपचारिक शिक्षा, डिजिटल समावेशन और आजीविका के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को सशक्त बनाना है।
