आज की ताजा खबर 9 मार्च 2026: मोजतबा खामेनेई चुने गए ईरान के सुप्रीम लीडर...पश्चिम एशिया की स्थिति पर संसद में एस जयशंकर बोले, किस स्टोरी को आप 'चक्रVIEW' में लीड स्टोरी देखना चाहते हैं ?
- विदेश मंत्री एस जयशंकर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर बयान देंगे
- विश्व शांति के लिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जायज, बोले ट्रंप
- तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंची
- मोजतबा खामेनेई बने ईरान के सुप्रीम लीडर
#ChakraViewWithSumitAwasthi: किस स्टोरी को आप 'चक्रVIEW' में लीड स्टोरी देखना चाहते हैं ?
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— Times Now Navbharat (@TNNavbharat) March 9, 2026
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वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में तेजी से महंगाई पर नहीं पड़ेगा खास असर: सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का महंगाई पर खास असर पड़ने की संभावना नहीं है क्योंकि देश में मुद्रास्फीति पहले से ही अपने निचले स्तर के करीब है।सीतारमण ने लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में कहा कि वैश्विक कच्चे तेल और भारतीय बास्केट (अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों का भारांश औसत, जिनकी खरीद भारतीय रिफाइनरी करती हैं) दोनों की कीमतों में पिछले एक वर्ष से लगातार गिरावट का रुख था। 28 फरवरी, 2026 को पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से इसमें तेजी आई है।
वित्त मंत्री ने कहा, ’’फरवरी के अंत से दो मार्च, 2026 तक कच्चे तेल की कीमत (भारतीय बास्केट) 69.01 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 80.16 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई। चूंकि भारत में मुद्रास्फीति अपने निचले स्तर के करीब है, इसलिए फिलहाल महंगाई पर इसका प्रभाव महत्वपूर्ण नहीं माना जा रहा है।’’
वह इस सवाल का जवाब दे रही थीं कि क्या सरकार ने देश में मुद्रास्फीति पर बढ़ते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के प्रभाव की समीक्षा की है।
अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को ईरान पर सैन्य हमले के बाद से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। हमले के जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ इजराइल पर भी हमले किए हैं।
बेगूसराय सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस परिसर की जांच में जुटी
बिहार के बेगूसराय सिविल कोर्ट को सोमवार को ई-मेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली जिसके बाद अदालत परिसर के भीतर और बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनीष ने ’पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में बताया, "सोमवार सुबह अदालत प्रशासन को ई-मेल के जरिए बम की धमकी मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम अदालत परिसर की जांच कर रही है।"
उन्होंने बताया कि अदालत परिसर की पूरी तरह जांच कर ली गयी है।
एसपी ने कहा, "अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। फिर भी एहतियात के तौर पर पूरे अदालत परिसर की गहन जांच की जा रही है।"
इस बीच खगड़िया के एसपी ने बताया कि वहां के सिविल कोर्ट में पुलिस द्वारा सुरक्षा अभ्यास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, "खगड़िया सिविल कोर्ट को कोई बम की धमकी नहीं मिली है, लेकिन अन्य जगहों पर ई-मेल से धमकी मिलने की खबरों के मद्देनजर एहतियात के तौर पर अदालत परिसर में सुरक्षा जांच और अभ्यास किया जा रहा है।"
मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामला
मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। इस मामले पर अब 13 अप्रैल को होगी सुनवाई। इस मामले में हिन्दू पक्ष की तरफ से दाखिल तमाम याचिकाओं मे कौन सी याचिका रिप्रजेंटेटिव शूट बने,इस मुद्दे पर कोर्ट सुनवाई कर रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शूट नंबर 17 को रिप्रजेंटेटिव शूट माना था। हिन्दू पक्ष के दूसरे वादियों का कहना है कि उनके शूट अलग मुद्दे और दलीलों पर आधारित है इसलिए केवल शूट संख्या 17 को रिप्रजेंटेटिव शूट नहीं माना जा सकता है।पश्चिम एशिया संघर्ष पर जयशंकर ने कहा : भारत शांति और कूटनीति का पक्षधर
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को कहा कि भारत शांति, संवाद और कूटनीति की ओर लौटने का पक्षधर है तथा तनाव कम करने, संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की वकालत करता है।संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन राज्यसभा में इस मुद्दे पर अपनी ओर से दिए गए एक बयान में उन्होंने कहा कि क्षेत्र में रह रहे भारतीय समुदाय का कल्याण और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।
उन्होंने कहा, "हम क्षेत्र के देशों की सरकारों के साथ काम करना जारी रखेंगे। हमारे राष्ट्रीय हित हमेशा सर्वोपरि रहेंगे, जिनमें ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक लक्ष्य शामिल हैं।"
विदेश मंत्री का वक्तव्य पर्याप्त नहीं, पश्चिम एशिया पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए: कांग्रेस
कांग्रेस ने सोमवार को पश्चिम एशिया संकट पर संसद में विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर असंतोष जताते हुए कहा कि इस मामले पर तत्काल चर्चा होनी चाहिए।कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को अस्वीकार कर दिया गया, जिसके बाद विपक्ष को वॉकआउट करना पड़ा।
रमेश ने ’एक्स’ पर पोस्ट किया, ’’जैसा कि अपेक्षित था, विदेश मंत्री ने राज्यसभा में स्थिति पर स्वत: संज्ञान लेते हुए वक्तव्य दिया, जिस पर कोई प्रश्न नहीं पूछा जा सकता या स्पष्टीकरण नहीं मांगा जा सकता। संपूर्ण विपक्ष पश्चिम एशिया के हालात पर तत्काल चर्चा चाहता था। इसे अस्वीकार कर दिया गया और इसलिए विपक्ष ने विरोध के बाद वॉकआउट कर दिया।’’
जयशंकर ने लोकसभा में बयान दिया
पश्चिम एशिया के हालात पर संसद में चर्चा कराने की विपक्ष की मांग के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मुद्दे पर लोकसभा में बयान दिया।पश्चिम बंगाल में एसआईआर : जिनके नाम हटे, उनमें से कुछ की याचिका पर विचार करेगा न्यायालय
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उन मतदाताओं की एक नयी याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति व्यक्त कर दी जिनके नाम पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा हटा दिए गए थेभारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्य बागची की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता मनेका गुरुस्वामी के तर्क पर गौर किया कि यह याचिका मतदाता सूचियों से पूर्ववर्ती मतदाताओं के नाम हटाए जाने से संबंधित है।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, "ये मतदाता हैं, इन्होंने पहले मतदान किया था, लेकिन अब उनके दस्तावेज स्वीकार नहीं किए गए।"
प्रधान न्यायाधीश ने कहा ’’हम न्यायिक अधिकारियों के निर्णयों के खिलाफ अपील को रोक नहीं सकते।"
एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि अपील विचारयोग्य है। इस पर पीठ ने कहा कि याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
उच्चतम न्यायालय ने 24 फरवरी को एसआईआर प्रक्रिया में 80 लाख दावों और आपत्तियों को निपटाने के लिए पश्चिम बंगाल के 250 जिला न्यायाधीशों के अतिरिक्त, दीवानी न्यायाधीशों की तैनाती और झारखंड और ओडिशा से न्यायिक अधिकारियों को बुलाने की अनुमति दी थी।
पीठ ने 22 फरवरी को लिखे कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल के पत्र पर भी गौर किया जिसमें कहा गया था कि एसआईआर में तैनात 250 जिला न्यायाधीशों को भी दावों और आपत्तियों को निपटाने में लगभग 80 दिन और लग सकते हैं।
कच्चे तेल में तेजी से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 2,494 अंक लुढ़का
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और वैश्विक बाजारों में कमजोरी आने से घरेलू शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई और मानक सूचकांक सेंसेक्स एवं निफ्टी तीन प्रतिशत से अधिक टूट गए।बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स कारोबार के दौरान 2,494.35 अंक यानी 3.16 प्रतिशत टूटकर 76,424.55 अंक पर आ गया।
वहीं, एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी कारोबार के दौरान 752.65 अंक यानी 3.07 प्रतिशत लुढ़ककर 23,697.80 अंक पर आ गया।
यह गिरावट इतनी व्यापक है कि सेंसेक्स के समूह में शामिल सभी 30 कंपनियों के शेयर गिरावट में कारोबार कर रहे थे। भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, इंटरग्लोब एविएशन और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट रही।
इस व्यापक गिरावट के लिए कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल को प्रमुख कारण माना जा रहा है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 17.06 प्रतिशत उछलकर 108.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई।
पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ शुरू किया बड़ा सैन्य अभ्यास
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका ने सोमवार को दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर एक बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया, जिसमें हजारों सैनिकों के हिस्सा ले रहे हैं।दक्षिण कोरिया के ’ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ’ ने कहा कि लगभग 18,000 कोरियाई सैनिक इस ’फ्रीडम शील्ड’ अभ्यास में हिस्सा लेंगे, जो 19 मार्च तक चलेगा। अमेरिकी सेना ने दक्षिण कोरिया में इस अभ्यास में शामिल अपने सैनिकों की संख्या नहीं बतायी है।
इन दोनों सहयोगी देशों का यह संयुक्त अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब दक्षिण कोरियाई मीडिया में अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिका कुछ सैन्य संसाधनों को दक्षिण कोरिया से हटा कर ईरान के खिलाफ लड़ाई में ले जा रहा है।
मुश्किल घड़ी में संभालेंगे ईरान की सत्ता
मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति ऐसे समय हुई जब ईरान के नेताओं के बीच मतभेद की खबरें सामने आ रही थीं और देश को असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के फैसले का इंतजार था। यही धार्मिक नेताओं का समूह ईरान के सर्वोच्च नेता का चुनाव करता है। सरकारी टीवी ने असेंबली का बयान पढ़ते हुए कहा कि मोजतबा खामेनेई को “मजबूत समर्थन” के साथ चुना गया है और लोगों से उनके नेतृत्व में एकजुट रहने की अपील की गई है। इसके साथ ही तेहरान के कुछ इलाकों में लोगों के जश्न मनाने की तस्वीरें भी दिखाई गईं।मोजतबा खामेनेई बने ईरान के सुप्रीम लीडर
ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी के रूप में उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का चुनाव किया गया है। मोजतबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर चुन लिए गए हैं। पहले से ही कयास लगाए जा रहे थे कि मोजतबा खामेनेई को ही सर्वोच्च नेता की कुर्सी दी जाएगी, अब कई बैठकों के बाद उनके नाम पर मुहर लग गई है।अमेरिकी तेल बाजार पर बड़ा असर
अमेरिकी तेल वायदा 18 प्रतिशत बढ़कर लगभग 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया - जो 19 जुलाई, 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है, जबकि वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट वायदा 16 प्रतिशत बढ़कर 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। सीएनएन बिजनेस की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में तेल की बढ़ती कीमतों का शेयरों पर भारी दबाव रहा है, क्योंकि व्यापारियों को आशंका है कि ईंधन की कीमतों में लंबे समय तक वृद्धि से मुद्रास्फीति में एक और उछाल आ सकता है और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि डॉव वायदा 800 से अधिक अंक, या 1.7% गिर गया। एसएंडपी 500 और नैस्डैक वायदा 1.6% गिर गए।तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंची
सीएनएन बिजनेस की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं जो 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार हुआ है, जिसके बाद ट्रंप ने आशंकाओं को कम करने के लिए ये टिप्पणियां की हैं। सीएनएन बिजनेस के अनुसार, निवेशकों ने चिंता जताई है कि ईरान के साथ संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल के प्रवाह पर लंबे समय तक प्रतिबंध लग सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के साथ संघर्ष में पश्चिम एशिया और खाड़ी के अन्य देशों के शामिल होने से तेल और गैसोलीन की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिनमें क्षेत्र में रिफाइनरियों पर हमले भी शामिल हैं।तेहरान का परमाणु खतरा समाप्त करने के लिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जायज, बोले ट्रंप
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में आई तेजी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर इससे तेहरान का परमाणु खतरा समाप्त हो जाता है, तो यह अल्पकालिक उछाल जायज है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने तर्क दिया कि ईरान की परमाणु क्षमता नष्ट होने के बाद तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी, और कहा कि केवल मूर्ख ही इससे अलग सोचेंगे। इसे अमेरिकी और विश्व सुरक्षा और शांति के लिए चुकाई जाने वाली एक छोटी कीमत बताते हुए ट्रंप ने लिखा, अल्पकालिक तेल की कीमतें, जो ईरान के परमाणु खतरे के विनाश के बाद तेजी से गिरेंगी, अमेरिका और विश्व की सुरक्षा और शांति के लिए चुकाई जाने वाली एक बहुत छोटी कीमत है। सिर्फ मूर्ख ही इससे अलग सोचेंगे!विपक्ष करेगा सरकार को घेरने की कोशिश
सदन के संशोधित कार्यसूची से पता चलता है कि जयशंकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देंगे। यह बयान अहम है क्योंकि विपक्ष अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, विशेष रूप से ईरान नियंत्रित होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति में वैश्विक संकट के बीच अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारत को 30 दिनों के लिए रूसी तेल खरीदने की छूट देने के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग एक चौथाई हिस्सा है।विदेश मंत्री एस जयशंकर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर बयान देंगे
सोमवार को संसद में बजट सत्र के दूसरे भाग की शुरुआत के अवसर पर विदेश मंत्री एस जयशंकर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर बयान देंगे और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करेंगे। इस सत्र के हंगामेदार होने की आशंका है क्योंकि इसमें कई अहम मुद्दे उठेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, पश्चिम एशिया में संघर्ष और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्ष के बीच नए सिरे से टकराव के बीच शुरू होने के आसार हैं। इस सत्र से चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों का रुख तय होने की उम्मीद है।बागी TMC विधायकों की सदस्यता पर जल्द फैसला क्यों नहीं? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, CJI ने क्या कहा?
LPU में 26 और 27 सितंबर को क्या हुआ, क्यों भड़के छात्र? Punjab के DGP ने बता दी एक-एक बात
‘CEC आयोग नहीं, सिर्फ चेयरमैन’,चुनाव आयोग की शक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, 14 आपत्तियों का भी जिक्र
भगत सिंह की 119वीं जयंती आज, पीएम मोदी, सीएम योगी से लेकर राहुल गांधी तक ने किया शहीद-ए-आजम को नमन
दिल्ली-NCR में दुष्कर्म की घटनाओं पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, लिया स्वत: संज्ञान, कहा- जवाबदेही तय करना बेहद जरूरी
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