Uttarakhand Chopper Crash: उत्तराखंड में शुक्रवार को हुए हेलीकॉप्टर हादसे की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हो गई।
उत्तराखंड के जोशीमठ में दुर्घटनाग्रस्त हुआ हेलीकॉप्टर
हादसे में जान गंवाने वाले छह लोगों में पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल भी शामिल हैं। उनकी उम्र 48 वर्ष थी और वह दिल्ली के निवासी थे, जबकि अन्य मृतकों की पहचान प्रतापा (41), अरुण सालुंके (44), वी.बी. शंकर गौड़ा (39), सुधीर के. (50) और एच.एस. नटराजा (51) के रूप में हुई है। ये सभी कर्नाटक के निवासी थे।
ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून के लिए रवाना हुआ था और उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद यह जोशीमठ में पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
AAIB की टीम घटनास्थल के लिए रवाना
वरिष्ठ अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि एएआईबी हादसे की जांच करेगा और उसकी टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो चुकी है। बदरीनाथ मंदिर उत्तराखंड के चार धामों में से एक है। यमुनोत्री, गंगोत्री और केदारनाथ अन्य तीन धाम हैं, जो चारधाम यात्रा का हिस्सा हैं।
एएआईबी ने इस महीने की शुरुआत में जारी एक दुर्घटना जांच रिपोर्ट में बताया था कि वर्ष 2015 से 2025 के दौरान चारधाम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की आठ घटनाएं हुईं, इनमें से ज्यादातर हादसे उड़ान चालक दल द्वारा मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का पालन नहीं करने के कारण हुई थीं।
एएआईबी द्वारा आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि 10 वर्षों की अवधि के दौरान चारधाम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से जुड़ी कुल नौ घटनाएं हुईं, इनमें आठ दुर्घटनाएं और एक गंभीर घटना शामिल थी। वर्ष 2022 से हर साल कम से कम एक दुर्घटना या गंभीर घटना दर्ज की गई।
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रिपोर्ट में बताया गया, "आठ दुर्घटनाओं में से पांच में लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2015 और 2016 में कोई दुर्घटना नहीं हुई थी, क्योंकि उस दौरान चारधाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं बहुत सीमित थीं।'"
एएआईबी ने बताया कि वर्ष 2017 से 2019 के बीच हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की दो घटनाएं हुईं, जिनमें से एक में लोगों की मौत हुई थी। वहीं, वर्ष 2020 और 2021 में कोविड-19 संबंधी नियमों के कारण हेलीकॉप्टर सेवाएं बहुत सीमित थीं और इस दौरान दुर्घटना की कोई घटना सामने नहीं आई।
