AI CEO On Boeing 787-8 Crash: एयर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने सोमवार को कहा कि पिछले महीने अहमदाबाद विमान हादसे पर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती रिपोर्ट में विमान या इंजन में कोई यांत्रिक या रखरखाव संबंधी समस्या नहीं पाई गई है और सभी अनिवार्य रखरखाव कार्य पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने एयर इंडिया के कर्मचारियों को एक संदेश में कहा, ईंधन की गुणवत्ता में कोई समस्या नहीं थी और टेक-ऑफ रोल में कोई असामान्यता नहीं थी। पायलटों ने जरूरी प्री-फ्लाइट ब्रेथलाइजर टेस्ट पास कर लिया था और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में कोई दिक्कत नहीं थी।
एयर इंडिया विमान हादसे की जांच पर सीईओ कैंपबेल विल्सन का बयान (PTI)
जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष न निकालें
AAIB ने शनिवार को एयर इंडिया के बोइंग 787-8 विमान दुर्घटना पर अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी की, जिसमें 12 जून को 260 लोग मारे गए थे। अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही उड़ान संख्या एआई 171 उड़ान भरने के तुरंत बाद एक इमारत से टकरा गई थी। इस बात पर जोर देते हुए कि शुरुआती रिपोर्ट में न तो कोई कारण बताया गया है और न ही कोई सुझाव दिया गया है, विल्सन ने सभी से आग्रह किया कि वे जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष न निकालें क्योंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
हर बोइंग 787 विमान की जांच की गई
उन्होंने कहा, हम जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करना जारी रखेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके पास गहन और व्यापक जांच करने के लिए आवश्यक सभी चीजें मौजूद हैं। इसके अलावा, विल्सन ने कहा कि अत्यधिक सावधानी बरतते हुए और डीजीसीए की निगरानी में हमारे बेड़े में शामिल हर बोइंग 787 विमान की दुर्घटना के कुछ दिनों के भीतर जांच की गई और सभी सेवा के लिए उपयुक्त पाए गए। उन्होंने कहा कि हम सभी आवश्यक जांचें जारी रख रहे हैं, और अधिकारियों द्वारा सुझाई गई किसी भी नई जांच को भी हम जारी रखेंगे।
रिपोर्ट पर ALPA-India ने जताई आपत्ति
बता दें कि शनिवार को जारी 15 पेज की शुरुआती रिपोर्ट में कॉकपिट की आवाज की रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए कहा गया है कि एक पायलट ने दूसरे पायलट से पूछा कि उसने स्विच क्यों ऑफ किया, इस पर दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया। वहीं, पायलटों से एसोसिएशन ALPA-India ने शनिवार को एक बयान में कहा कि हम एक बार फिर इन जांचों से जुड़ी गोपनीयता पर हैरान हैं। हम इस तथ्य को भी दोहरा रहे हैं कि इन अहम जांचों के लिए योग्य कर्मियों को शामिल नहीं किया जाता है। हमें लगता है कि जांच पायलटों को आरोपी मानकर की जा रही है और हम इस सोच पर कड़ी आपत्ति जताते हैं।
थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल बदले गए थे
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक विमानन कंपनी एयर इंडिया ने हाल में दुर्घटनाग्रस्त हुए बोइंग 787-8 विमान के थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल (TCM) को 2019 में जारी बोइंग के निर्देश के बाद पिछले छह साल में दो बार बदला था। टीसीएम में ईंधन को नियंत्रित करने वाले स्विच शामिल होते हैं। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की शनिवार सुबह जारी की गई रिपोर्ट से पता चला था कि दोनों इंजन के ईंधन नियंत्रण स्विच एक सेकेंड के अंतराल में ‘रन’ से ‘कटऑफ’ स्थिति में चले गए थे, जिसके कारण विमान की ऊंचाई में तुरंत कमी आ गई। रिपोर्ट के अनुसार, इससे एयर इंडिया उड़ान संख्या 171 की कॉकपिट में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। पिछले महीने गुजरात के अहमदाबाद में हुए इस विमान हादसे में 260 लोग मारे गए थे। (PTI)
