9 साल में मोदी सरकार के 'नवरत्न', वो कर दिखाया जिससे दुनिया भी हैरान

  • Written by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 28, 2023, 11:35 AM IST

हम आपको बता रहे हैं सरकार के 9 ऐसे मंत्रियों के बारे में जिन्होंने न सिर्फ काम से अपनी पहचान बनाई बल्कि मोदी सरकार को भी मजबूती दी और मशहूर हुए।

9 Years of Modi Sarkar: मोदी सरकार के 9 साल पूरे हो गए हैं। इस खास मौके पर कई कार्यक्रम हो रहे हैं। इन 9 वर्षों में मोदी सरकार ने कई मील के पत्थर रखे। पीएम मोदी ने देश में विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय पटल पर भारत की छवि एक मजबूत देश के तौर पर स्थापित की है। पीएम के साथ ही मोदी कैबिनेट के मंत्रियों ने भी अपने काम और तरीके से खास पहचान बनाई है। हम आपको बता रहे हैं सरकार के 9 ऐसे मंत्रियों के बारे में जिन्होंने न सिर्फ काम से अपनी पहचान बनाई बल्कि मोदी सरकार को भी मजबूती दी और देश-विदेश में मशहूर हुए। इन्हें मोदी सरकार के नवरत्न कहा जाए तो गलत नहीं होगा। आइए जानते हैं इन्होंने किस अंदाज में काम किया और क्या रहीं इनकी उपलब्धियां।

अमित शाह

इस सूची में पहला नाम है गृह मंत्री अमित शाह का। पीएम मोदी के सबसे करीबी और विश्वस्त माने जाने वाले अमित शाह अपने साहसिक कदमों और बेबाकी के लिए जाने जाते हैं। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वह सरकार का हिस्सा नहीं थे। लेकिन दूसरे कार्यकाल में पीएम मोदी ने उन्हें कैबिनेट का सबसे अहम पद दिया। अमित शाह ने गृह मंत्री के तौर पर ऐतिहासिक कार्यों को अंजाम दिया। सबसे बड़ी चुनौती जम्मू-कश्मीर थी और उन्होंने इसे सधे अंदाज में पूरा किया। जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बनाकर एक तीर से कई शिकार किए। इस कदम से पाकिस्तान भी हक्का-बक्का रह गया। चाहे बात पूर्वोंत्तर में ऐतिहासिक पैक्ट की हो या आतंकियों-नक्सलियों से सख्ती से निपटने की, अमित शाह ने हर काम को बखूबी अंजाम दिया। आज की तारीख में वह पीएम मोदी से सबसे विश्वस्त सहयोगी हैं।

राजनाथ सिंह

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में राजनाथ सिंह गृह मंत्री थे। लेकिन दूसरे कार्यकाल में उन्हें रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने दोनों जिम्मेदारियों को सफलतापूर्व निभाया। रक्षा मंत्री के तौर पर उनकी दृढ़ता साफ नजर आती है। वह अपनी साफगोई के लिए जाने जाते हैं और इसी तर्ज पर उन्होंने पाक-चीन को भारत से न उलझने की कई बार सधे अंदाज में चेतावनी दी। पीएम मदी की तर्ज पर राजनाथ भी सैनिकों से मिलने सुदूर चले जाते हैं। उनके कार्यकाल में भारत ने कई अहम मिसाइलों का परीक्षण किया और नौ सेना व थल सेना भी बेहद मजबूत हुई है। रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगना साबित करता है कि वह पारदर्शिता को लेकर कितने संजीदा हैं।

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