लोकसभा में ‘तंबाकू टॉक’: ‘50 साल से तंबाकू को हाथ नहीं लगाया…’; रामायण के ‘राम’ ने सुनाई सबसे बड़ी जीत की कहानी

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में तंबाकू उत्पादों पर नए उत्पाद शुल्क विधेयक को लेकर हो रही बहस के दौरान कई सांसदों ने तंबाकू की लत और उससे निपटने के अपने राज भी खोले। पॉडकास्ट स्टाइल में बदली इस चर्चा के दौरान सांसदों ने अपनी रियल लाइफ स्टोरी सुनाते हुए तंबाकू के उपयोग को रोकने के लिए मजबूत कदम उठाने की मांग की।

केंद्र सरकार केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन)विधेयक,2025 के जरिए सिगरेट,चबाने वाला तंबाकू,सिगार,हुक्का,जर्दा और सुगंधित तंबाकू पर लगाए जाने वाले मौजूदा जीएसटी मुआवजा उपकर को हटाकर इसकी जगह संशोधित उत्पाद शुल्क ढांचा लाना चाहती है। बुधवार को इसी विधेयक पर चर्चा हो रही थी, तभी टीएमसी सांसद सौगत रॉय, टीवी के सबसे लोकप्रिय कार्यक्रम रामायण में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल और द्रमुक सांसद डॉ.कलानिधि वीरास्वामी ने भी तंबाकू के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभावों को लेकर अपनी आपबीती सुनाई। इन सांसदों में सबसे ज्यादा ध्यान भाजपा सांसद अरुण गोविल ने खींचा। उन्होंने चर्चा के दौरान बताया कि वे पिछले 50 साल से तंबाकू-मुक्त हैं।

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अरुण गोविल ने खोला निजी जिंदगी का राज। फोटो- एएनआई।

सौगत रॉय बोले- लोग मुझसे कहते हैं आप सिर्फ पांच साल जिएंगे

विधेयक पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत रॉय ने धूम्रपान से जूझने की अपनी आपबीती बयां की। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं धूम्रपान करता रहा हूं। इस आदत को छोड़ने की कोशिश कर रहा हूं क्योंकि लोग कहते हैं कि आप सिर्फ पांच साल ही और जिएंगे। आगे उन्होंने कहा कि लेकिन नैतिक सवाल यह है कि क्या तंबाकू की खपत कम करने में सरकार की कोई भूमिका होनी चाहिए।

इस पर पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वह (सौगत रॉय) धूम्रपान के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए ब्रांड एंबेसडर बन सकते हैं।

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