400 घंटे, 17 दिन, एजेंसियों की कड़ी मेहनत, फिर उत्तराखंड सुरंग से निकलीं 41 जिंदगियां

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Nov 29, 2023, 07:40 AM IST

Uttarakhand Tunnel Operation : युद्ध स्तर पर किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्य पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीबी नजर बनाए हुए थे और सुरंग में कार्य प्रगति की लगातार समीक्षा कर रहे थे। श्रमिकों के सकुशल वापसी के लिए देश भर में करोड़ों लोगों ने प्रार्थनाएं कीं।

Uttarakhand Tunnel Operation : उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में गत 12 नवंबर को हुए हादसे में 41 श्रमिक उसमें फंस गए। मलबे में फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के लिए एक-एक कर भारत की एजेंसियां, विदेशों के एक्सपर्ट और फिर भारतीय सेना को उतरना पड़ा। मलबे में ड्रिलिंग के लिए अमेरिकी ऑगर मशीन से खुदाई हुई। बचाव के कई प्लान तैयार किए गए। राहत एवं बचाव कार्य के इन 17 दिनों में कई बार लोगों के मन में आशंकाएं भी उठीं लेकिन एजेंसियों का जज्बा एवं हौसला जरा भी कम नहीं हुआ। उन्होंने ठान लिया था कि श्रमिकों को बाहर निकालकर ही दम लेना है। सिलक्यारा सुरंग हादसे पर विजय जज्बे एवं हौसले की जीत है।

sylkyara Tunnel Operation

मंगलवार रात को सभी 41 श्रमिकों को सुरंग से बाहर निकाला गया।

प्रार्थना में उठे करोड़ों हाथ

युद्ध स्तर पर किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्य पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीबी नजर बनाए हुए थे और सुरंग में कार्य प्रगति की लगातार समीक्षा कर रहे थे। श्रमिकों के सकुशल वापसी के लिए देश भर में करोड़ों लोगों ने प्रार्थनाएं कीं। जगह-जगह यज्ञ एवं विशेष पूजा-पाठ का आयोजन हुआ।

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