Rajya Sabha Election: बिहार कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे पार्टी के तीन विधायकों से स्पष्टीकरण मांगा है।बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव ने बुधवार को कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह, सुरेन्द्र प्रसाद और मनोज विश्वास को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब देने के लिए कहा।
राज्यसभा चुनाव के दौरान 3 कांग्रेस विधायक रहे अनुपस्थित
उन्होंने कहा कि 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव के मतदान के दौरान ये विधायक अनुपस्थित रहे, जिसकी वजह से महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा। यादव के अनुसार मतदान के दौरान इन विधायकों से मोबाइल फोन के माध्यम से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाई और बाद में उनके फोन 'स्विच ऑफ' पाए गए। अनुशासन समिति के अध्यक्ष ने तीनों विधायकों को निर्देश दिया है कि वे इस संबंध में दो दिन में स्पष्टीकरण दें।
मनोज विश्वास ने कांग्रेस पर फोड़ा ठीकरा
इस बीच, कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने वोट न देने के फैसले पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने यह कदम पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर उठाया है।आईएएनएस से बातचीत में मनोज विश्वास ने बताया, "हमने पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर चुनाव से अलग रहने का फैसला लिया। राजद ने उम्मीदवार तय करने से पहले हमारे नेतृत्व से कोई बातचीत नहीं की। जो उम्मीदवार दिया गया, वह हमारी विचारधारा के अनुरूप नहीं था।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पूरी मजबूती के साथ पार्टी के साथ खड़े हैं।
वहीं, वोट न देने वाले अन्य विधायकों का भी कहना है कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व के निर्देश के कहने पर ही यह निर्णय लिया। इस मुद्दे ने कांग्रेस के भीतर जातीय राजनीति को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ नेताओं का कहना है कि पार्टी के अंदर अगड़ी-पिछड़ी की राजनीति हावी हो गई है, जिसका असर अब सामने दिख रहा है। मनोज विश्वास ने आगे कहा, "जब हम बिहार में वोट मांगने जाते हैं तो हमारा वोट बैंक कौन है? अल्पसंख्यक और ओबीसी वर्ग। लेकिन जिस उम्मीदवार को उतारा गया, उस पर हमारी पार्टी के साथ कोई तालमेल नहीं था।"
