JN.1 Variant Case: देश में एक बार फिर से कोविड का खतरा सामने दिख रहा है। कोविड के खतरनाक सब वैरिएंट जेएन.1 के अब तक देश में 22 मामले सामने आ रहे हैं। कोविड लहर की आशंका को लेकर केंद्र से लेकर राज्य तक का स्वास्थ्य विभाग सतर्क दिख रहा है।
जेएन.1 स्वरूप के 22 मामले सामने आए (प्रतीकात्मक फोटो- pixabay)
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गोवा में सबसे ज्यादा जेएन.1 वैरिएंट
देश में गुरुवार तक कोविड-19 सब वैरिएंट जेएन.1 के 22 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 21 मामले गोवा जबकि एक केरल से सामने आया। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है। पीटीआई को सूत्रों ने बताया कि गोवा में किसी जगह जेएन.1 स्वरूप तेजी से नहीं फैला है और इससे संक्रमित व्यक्ति ठीक हो चुके हैं और उन्हें संक्रमण संबंधी कोई जटिलता नहीं है।
253 नमूनों की जांच
उन्होंने कहा कि जो लोग इसकी चपेट में आए, उनके ऊपरी श्वसन तंत्र में हल्का संक्रमण हुआ और हल्की सूखी खांसी, गला खराब होना जैसे लक्षण दिखे तथा बुखार नहीं आया। सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि नवंबर में, जेएन.1 स्वरूप का पता लगाने के लिए पूरे जीनोम अनुक्रमण के लिए 62 नमूने इंडियन सार्स-कोव-2 जीनोमिक कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) की विभिन्न प्रयोगशालाओं में भेजे गए थे, जबकि दिसंबर में, अब तक 253 नमूने भेजे गए हैं। अब तक कुल 253 नमूने भेजे जा चुके हैं।
केरल का हाल
केरल की 79 वर्षीय महिला ठीक हो चुकी है और उसे संक्रमण से संबंधित कोई जटिलता नहीं है। महिला में हल्के लक्षण थे और वह भारत में जेएन.1 से संक्रमित होने वाली पहली व्यक्ति थी। महिला के जेएन.1 संक्रमित होने का पता आठ दिसंबर को चला था।
