2001 Parliament Attack Anniversary: 13 दिसंबर 2001 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है। इसी दिन देश की संसद पर सुनियोजित आतंकी हमला किया गया, जिसने न सिर्फ देश की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि भारत की राजनीतिक और रणनीतिक सोच को भी नई दिशा दी।
संसद हमले में मारे गए जवानों को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि।(फोटो सोर्स: ANI)
हमले के समय संसद भवन में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित हो चुकी थी। तभी हथियारों से लैस आतंकवादी सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए संसद परिसर में घुस आए। उनका मकसद साफ था। देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर तबाही मचाना। हालांकि, सुरक्षाबलों की तत्परता के कारण आतंकियों की यह साजिश नाकाम हो गई।
आज पूरा देश उन सुरक्षाकर्मियों और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है जिन्होंने 24 वर्ष पहले 13 दिसंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमले में संसद की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई।
पीएम मोदी ने दी हमले में जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि
इस अवसर पर संसद भवन परिसर में सुरक्षाकर्मियों और शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सांसदों ने सुरक्षाकर्मियों और शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य सांसदों ने आज वर्ष 2001 में संसद पर हुए हमले की बरसी पर उसमें जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
राहुल गांधी सहति कई सांसदों ने दी श्रद्धांजलि
लोकसभा विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज संसद में 2001 के संसद हमले की बरसी के अवसर पर जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे।
इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संसद हमले में अपनी जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।
अमर नायकों को मेरा विनम्र नमन: योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक पोस्ट में कहा, "लोकतंत्र के मंदिर, भारतीय संसद भवन ने वर्ष 2001 में ठीक इसी दिन एक कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले को देखा, जो राष्ट्र की संप्रभुता, गरिमा और जनता की शक्ति पर एक क्रूर प्रहार था। संसद और राष्ट्र की गरिमा की रक्षा के लिए इस हृदयविदारक घटना में प्राणों की आहुति देने वाले अमर नायकों को मेरा विनम्र नमन। राष्ट्र सदा उनका कृतज्ञ रहेगा। जय हिंद!"
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी उस जघन्य आतंकवादी हमले के दौरान भारतीय संसद की रक्षा करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
“13 दिसंबर 2001 को संसद भवन पर हुए आतंकवादी हमले के दौरान लोकतंत्र के मंदिर की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति देने वाले वीरों को सलाम। राष्ट्र की रक्षा के लिए उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।”
हमले में 14 लोगों की हुई थी मौत
13 दिसंबर 2001 को लश्कर-ए-तैबा (एलईटीटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से संबंधित पांच भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने नई दिल्ली में संसद परिसर पर धावा बोल दिया और अंधाधुंध गोलीबारी की। इस हमले में सुरक्षाकर्मियों और एक नागरिक समेत करीब 14 लोग मारे गए। यह आतंकी हमला संसद की कार्यवाही स्थगित होने के लगभग 40 मिनट बाद हुआ, जब इमारत में करीब 100 सांसद मौजूद थे।
