खौफ के वो 15 मिनट...चंद्रयान-3 के लिए सबसे अहम टाइम, इसे पार कर लिया तो दुनिया करेगी सलाम

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Aug 23, 2023, 06:52 AM IST

अगर भारत का चंद्रयान-3 मिशन सफल रहता है तो वो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बन जाएगा। लेकिन इसके लिए विक्रम लैंडर का चंद्रमा की सतह पर सफलता से लैंडिंग करना जरूरी है।

15 Minutes Of Terror: चंद्रयान-3 के चांद पर उतरने की घड़ी करीब आई गई है। लैंडर को 23 अगस्त को शाम 6:04 बजे 25 किमी की ऊंचाई से सॉफ्ट लैंड कराने की कोशिश की जाएगी। इस प्रक्रिया में 15 से17 मिनट लगेंगे। इस अवधि को 'खौफ के 15 मिनट' यानि '15 मिनिट्स ऑफ टेरर' (15 Minutes Of Terror) यानी कहा जाता है। अगर भारत का चंद्रयान-3 मिशन सफल रहता है तो वो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला पहला देश बन जाएगा। लेकिन इसके लिए विक्रम लैंडर का चंद्रमा की सतह पर सफलता से लैंडिंग करना जरूरी है। इस दौरान क्या-क्या होगा आपको बता रहे हैं।

लैंडर तय करेगा उतरना है या नहीं

चंद्रमा पर उतरने से दो घंटे पहले कई स्थितियों का आकलन किया जाएगा। इसरो लैंडर मॉड्यूल की स्थिति और चंद्रमा पर स्थितियों के आधार पर यह तय करेगा कि उस समय इसे उतारना सही रहेगा या नहीं। अगर स्थितियां अनूकूल न हो तो इसरो प्लान बी पर काम करते हुए लैंडिंग 27 अगस्त को कराएगा।

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