गर्मियों का मौसम आते ही हीटवेव यानी लू एक गंभीर समस्या बनकर सामने आती है। हीटवेव एक मौसमी घटना है जो किसी क्षेत्र के उच्च तापमान के कारण पैदा होती है। आमतौर पर भारत में हीटवेव की समस्या मई, जून के महीने में देखी जाती है, लेकिन मौसम में आए परिवर्तन के कारण इस बार हीटवेव का काफी जल्दी देखने को मिल रहा है। क्या आप जानते हैं कि हीटवेव आपकी सेहत पर भी काफी बुरा असर डालती हैं। इसके कारण आपको डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम पैदा हो जाती हैं। यदि आप दिल्ली और यूपी के इलाकों में रहते हैं, तो आपको अपनी सेहत का ख्याल और भी ज्यादा रखने की जरूरत है। क्योंकि इन इलाकों में मौसम विभाग ने हीटवेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। आइए जानते हैं कि कैसे करें हीटवेव से बचाव?
हीटवेव से बचाव के आसान घरेलू उपाय Home Remedies To Protect from heatwave
भरपूर पानी पिएं
हीटवेव से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने शरीर में वाटर इंटेक का ख्याल जरूर रखें। गर्मी के मौसम में सबसे बड़ी गलती पानी कम पीना है। शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए आप दिन में कई बार पानी पीते रहें। इसके अलावा आप नारियल पानी, छाछ और फलों के रस को भी अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।
धूप से बचाव
हीटवेव लगने का सबसे बड़ा कारण है कि हम दोपहर के समय सीधे धूप के संपर्क में आ जाते हैं। इस मौसम में आपको इस बात का ख्याल जरूर रखा चाहिए कि 11 बजे से लेकर 4 बजे तक बिना किसी जरूरी काम के बाहर धूप में न निकला जाए। वहीं यदि जाना जरूरी है भी तो खुद को पूरी तरह कवर करके रखें।
खाने का चयन
गर्मी के मौसम मे आपको अपने खाने को लेकर काफी सावधान रहना चाहिए। इस मौसम में आपको तेल और मसालेदार भोजन करने से बचना चाहिए। ये आपके पाचन तंत्र पर जोर डालता है और इस मौसम में आपका पाचन काफी कमजोर हो जाता है।
गर्मी में आप हल्के, ठंडे और पानी से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें।
लक्षणों की पहचान
हीटवेव से बचाव के लिए जरूरी है कि आप इसके लक्षणों को भी समय रहते पहचान लें। क्योंकि हीटवेव का इलाद देर से कराने पर आपको काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। हीटवेव के कारण आपको चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें सकते हैं। ऐसा कुछ भी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
