Dark Chocolate Benefits In Hindi: हर साल 7 जुलाई को मनाया जाने वाला वर्ल्ड चॉकलेट डे सिर्फ स्वाद के जश्न तक सीमित नहीं है। खासकर डार्क चॉकलेट के शौकीनों के लिए तो यह सेहत से जुड़ी कई अच्छी खबरें भी लेकर आता है। हाल ही में की गई एक वैज्ञानिक रिसर्च और डॉक्टरों की राय से साफ हो गया है कि अगर आप सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट खाते हैं, तो यह आपके मूड को बेहतर बनाती है और आंतों में फायदेमंद बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है। वहीं, फरीदाबाद स्थित अमृता अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मोहित शर्मा के अनुसार, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लैवोनॉयड्स तनाव कम करने, ब्लड फ्लो सुधारने और पाचन क्रिया को मजबूत करने में मदद करते हैं।
Dark Chocolate Benefits In Hindi
जब मन हो उदास, तो डार्क चॉकलेट है पास
आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में तनाव और चिड़चिड़ापन आम हो गया है। ऐसे में अगर कोई आसान और स्वादिष्ट तरीका मूड सुधारने का मिल जाए, तो बात ही क्या। रिसर्च में साफ देखा गया है कि डार्क चॉकलेट खाने से मन खुश रहता है। डॉ. मोहित शर्मा कहते हैं कि इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर में अच्छा महसूस करवाने वाले हार्मोन को एक्टिव करते हैं। मतलब साफ है, थोड़ा सा मीठा खाइए और मन को मुस्कराने दीजिए।
पेट और दिमाग की है सीधी कड़ी
आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारा पेट और दिमाग एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसे वैज्ञानिक लोग ‘गट-ब्रेन एक्सिस’ कहते हैं। अगर पेट में सब कुछ सही चल रहा हो, तो दिमाग भी बेहतर महसूस करता है। रिसर्च कहती है कि डार्क चॉकलेट आंत में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाती है, जो मानसिक सेहत को भी बेहतर बनाते हैं। यानि अच्छा पेट, अच्छा मन।
बढ़ते हैं अच्छे बैक्टीरिया
डार्क चॉकलेट खाने से आंतों में वो बैक्टीरिया बढ़ते हैं जो शरीर को फायदा पहुंचाते हैं। रिसर्च में बताया गया है कि खासकर 85 फीसदी कोको वाली डार्क चॉकलेट इन फायदेमंद बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करती है। इससे पेट हल्का रहता है, सूजन कम होती है और पाचन भी सही रहता है। ये चॉकलेट पेट के लिए एक तरह से टॉनिक बन जाती है।
कितनी मात्रा में खाएं डार्क चॉकलेट
अध्ययन के अनुसार, हर दिन लगभग तीस ग्राम डार्क चॉकलेट खाई गई जो दिन में तीन बार, दस-दस ग्राम में बांटकर दी गई। ध्यान देने वाली बात यह है कि चॉकलेट में कोको की मात्रा 85 प्रतिशत होनी चाहिए। ऐसी चॉकलेट ही शरीर में सकारात्मक असर डालती है, जबकि मीठी या दूध वाली चॉकलेट से यह लाभ नहीं मिलता।
डॉक्टर की सलाह भी है साफ
डॉ. मोहित शर्मा बताते हैं कि डार्क चॉकलेट में फ्लैवोनॉयड्स जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर में सूजन को कम करते हैं, खून का बहाव ठीक रखते हैं और तनाव के हार्मोन को घटाते हैं। वो कहते हैं कि अगर चॉकलेट 70 फीसदी या उससे ज्यादा कोको वाली हो और उसमें ज्यादा चीनी न हो, तो यह शरीर को काफी फायदा दे सकती है। बस मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है - हफ्ते में दो-तीन बार, 20 से 30 ग्राम तक ही खाएं।
शोध में क्या सामने आया?
यह अध्ययन वर्ष 2021 में किया गया, जिसमें 48 लोगों पर तीन सप्ताह तक डार्क चॉकलेट के प्रभावों का अवलोकन किया गया। परिणामस्वरूप, उनके मूड में सुधार और आंतों के बैक्टीरिया में सकारात्मक बदलाव देखे गए। यह सिद्ध करता है कि डार्क चॉकलेट खाने से शारीरिक ही नहीं, मानसिक सेहत भी बेहतर होती है।
निष्कर्ष
तो अगली बार जब आपको मीठा खाने का मन हो, तो सोच-समझकर डार्क चॉकलेट को चुनें। यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि आपके मन और पेट दोनों को सुकून देती है। नियमित और सीमित मात्रा में इसका सेवन करके आप बेहतर स्वास्थ्य की ओर एक मीठा कदम बढ़ा सकते हैं।
With Inputs: Dr. Mohit Sharma - Internal Medicine, Amrita Hospital, Faridabad / Science Direct Reasearch
