World Polio Day Significance History Theme 2024: पोलियो या पोलियोमाइलाइटिस, एक वायरल बीमारी है। यह खतरनाक बीमारी मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को प्रभावित कर सकती है, जिससे लकुआ, सांस लेने में कठिनाई जैसी स्थितियां देखने को मिल सकती हैं। गंभीर मामलों में यह व्यक्ति की मृत्यु का कारण भी बन सकती है। भारत को 2014 में पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया था। लेकिन हाल के कुछ महीनों में फिर से इस गंभीर बीमारी के मामले देखने को मिले, जिन्होंने पोलियो के खतरे को फिर से फोकस में ला दिया है। यह बीमारी पोलियोवायरस के कारण होती है। यह एक जानलेवा बीमारी है, जिसे विश्व स्वास्थ्य सभा ने 1988 में खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध किया था।
World Polio Day Significance History Theme 2024
दुनियाभर में इस बीमारी के प्रति लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस मनाया जाता है। यह दिन पोलियो को समाप्त करने के वैश्विक प्रयासों पर प्रकाश डालता है। इस दिवस के माध्यम से हर बच्चे को इस विनाशकारी बीमारी से बचाने के लिए पोलियो टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।
विश्व पोलियो दिवस क्यों मनाया जाता है - Why World Polio Day Is Celebrated In Hindi
यह पोलियो बीमारी खत्म करने और संगठनों द्वारा इसे रोकने की दिशा में बहुत अहम भूमिका निभाता है। इस दिन दुनिया भर के स्वास्थ्य संगठन पोलियो के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में शामिल व्यक्ति और संगठन वायरस को पूरी तरह से खत्म करने के उनके प्रयासों का जश्न मनाते हैं। इसकी मदद से लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। साथ ही, बीमारी की रोकथाम के लिए धन जुटाने का प्रयास किया जाता है।
विश्व पोलियो दिवस 2024 की थीम - World Polio Day 2024 Theme In Hindi
विश्व पोलियो दिवस की थीम पिछले कई सालों से एक ही विषय पर चल रही है - "माताओं और बच्चों के लिए एक स्वस्थ भविष्य"। इस थीम ने बच्चों में पोलियो उन्मूलन की लड़ाई को बढ़ावा दिया है। साथ ही, माताओं के लिए एक स्वस्थ भविष्य प्रदान करने के महत्व को बताने में भूमिका निभाई है।
विश्व पोलियो दिवस का इतिहास - World Polio Day History In Hindi
आपको बता दें कि इस दिवस को मनाए जाने के पीछे का इतिहास बहुत ही दिलचस्प है। पहली बार विश्व पोलियो दिवस रोटरी इंटरनेशनल द्वारा मेडिकल शोधकर्ता जोनास साल्क के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया गया। इन्होंने ही पोलियो वैक्सीन का विकास करने वाली टीम का नेतृत्व किया था। साल 1955 में उन्होंने इनएक्टिवेटेड पोलियोवायरस वैक्सीन विकसित की थी। उसके बाद 1962 में अल्बर्ट साबिन ने ओरल पोलियो वैक्सीन बनाई।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
