Viral Health Problems: बढ़ती टेक्नोलॉजी, घूमने फिरने के साधन, ऐशो आराम के साथ साथ एक और चीज बढ़ी है, वो है गंभीर बीमारियां का खतरा। खास तौर से मेट्रो शहरों में जहां भीड़ भाड़ के बीच हवा में फैले कीटाणु और वायरसों से होने वाली बीमारियों का रिस्क सबसे ज्यादा है। यानी की ऐसे माहौल में जहां बंद जगहों पर भारी तादाद मौजूद होती है। वहां सर्दी, जुकाम, कोरोना, फ्लू जैसी एयरबोर्न डिजीजेज का संक्रमण ज्यादा होता है।
reasons for viral health problems
हालांकि अब सवाल ये है कि, मौसम, लाइफस्टाइल, डाइट में बहुत जरा से बदलाव से भी आप तुरंत बीमार क्यों हो जाते हैं? इसके पीछे सीधा सा जवाब है, आपकी कम इम्यूनिटी और लगातार घटती रोग प्रतिरोधक क्षमता। क्योंकि यही है, जो आपके शरीर को हानिकारक कीटाणुओं और वायरसों से बचा कर रखने का काम करते हैं।
क्या होती हैं एयरबोर्न बीमारियां
सरजापुर के मणिपाल हॉस्पिटल के कंसल्टेंट पल्मोनॉलजिस्ट डॉक्टर सुहास एस एस बताते हैं कि ऐसी बीमारियां जो, दूषित हवा में सांस लेने और लगातार खतरनाक वायरस और कीटाणुओं के बीच रहने से होती हैं उन्हें एयरबोर्न बीमारियां कहा जाता है। इन्हें वायरल इंफेक्शन और बैक्टीरियल इंफेक्शन के रूप में भी वर्गीकृत किया जा सकता है।
इन संक्रमणों से क्या होता है?
डॉ. सुहास बताते हैं कि बैक्टीरियल और वायरल इंफेक्शन्स के कारण आपको श्वास संबंधित गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। वायरल इंफेक्शन जैसे इंफ्लूएंजा, एडिनोवायरस, कोविड 19, कॉमन कोल्ड, निमोनिया, ट्यूबरक्लूलोसिस और नीसेरिया मेनिंगिटाइडिस जैसे बैक्टीरियल इंफेक्शन काफी आम होने के साथ गंभीर माने जाते हैं।
बार बार वायरल बीमारियां क्यों होती हैं?
सर्दी, जुकाम, इंफेक्शन, रैशेज, निमोनिया, कोविड जैसी बीमारियों के बहुत दोबारा आने के चांसेस अत्यधिक होते हैं। लेकिन कई बार ये सवाल परेशान करने वाला हो सकता है कि, आखिर एक बार ठीक होने के कुछ ही दिन बाद आप फिर बीमार क्यों पड़ जाते हैं? डॉक्टर सुहास का कहना है कि ऐसा होने के पीछे वैसे तो कई कारण हो सकते हैं, लेकिन ये उनमें से कुछ मुख्य हैं:
1. वायरस का शरीर में रह जाना
चिकनपॉक्स, फंगल/यीस्ट इंफेक्शन या शिंगल्स जैसे वायरल इंफेक्शन अगर बार बार हो रहे हैं। तो इसका मतलब है कि, पहले के कुछ वायरस अभी भी आपके शरीर में हैं। जो दोबारा गुणा करके आपको बीमार करने में सक्षम है और आपकी कमजोर इम्यूनिटी उनसे लड़ नहीं सकती।
2. गंभीर बीमारी का संकेत
निमोनिया जैसी बीमारी अगर बार बार आपके ऊपर अटैक कर रही है। तो इसका संबंध किसी तरह के गंभीर लंग रोग, ट्यूमर, इंफेक्शन से हो सकता है।
3. नींद की कमी
लगातार बीमार रहने के पीछे का एक कारण नींद की कमी भी है। क्योंकि सोते वक्त ही आपका इम्यून सिस्टम इंफेक्शन्स और अन्य बीमारियों से लड़ता है। और अगर आपने नींद में कटौती कर ली तो, शरीर एंटीबॉडी और अन्य फाइटिंग सेल्स बनाने में असमर्थ हो जाएगा। जिसके परिणामस्वरूप आप दोबारा जल्दी बीमार होंगे।
4. धूम्रपान
स्मोकिंग का सीधा असर आपके इम्यून सिस्टम पर पड़ता है। जिससे आपके फेफड़ों की हालत अत्यधिक कमजोर हो जाती है। जिससे मरीज बड़ी जल्दी किसी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाते हैं।
5. शराब
ज्यादा अल्कोहल पीने से आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और अन्य सेंस कमजोर हो जाते हैं। इसी कमजोर इम्यून सिस्टम की बदौलत आपको बार बार किसी बीमारी की शिकायत हो सकती है।
6. हाइजीन
वायरल इंफेक्शन होने की एक मुख्य वजह हाइजीन और साफ सफाई की कमी भी है। इसलिए बार बार हाथ धोना, साफ जगह खाना पानी पीना, नहाना बेहद जरूरी है।
7. अनुवांशिक
इसी के साथ कई बार निमोनिया, ब्लैडर इंफेक्शन जैसी दिक्कतें जेनेटिक गड़बड़ी के कारण भी हो जाती है। जेनेटिक प्रेडिस्पोजिशन के परिणामस्वरूप आपको कई सारे इंफेक्शन्स बार बार हो सकते हैं।
8. एंटीबायोटिक्स
वैसे तो दवाएं आपको बीमारी से लड़ने में मदद करती हैं। लेकिन कई बार वायरस इतने मजबूत बन जाते हैं कि उनपर दवा असर ही नहीं करती।
बचाव के लिए ये करें
डॉक्टर सुहास के अनुसार, एयरबोर्न वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन्स का सबसे ज्यादा खतरा ट्रेवल करते वक्त होता है। इसलिए किसी ट्रिप पर या घर से बाहर जाते समय भी पर्याप्त सावधानी बरतने और बचाव सुनिश्चित करने की खास जरूरत होती है। अपना और अपने परिवार का ख्याल रखने के लिए ये बातें ध्यान रखें –
मास्क लगाकर ही बाहर जाएं
वैक्सीनेशन जरूर करवाएं
हेपा फिल्टर्स का प्रयोग करें (Air Filter)
वेंटीलेशन का खास ख्याल रखें ताकि ताजी हवा आती जाती रहे
नियमित रूप से हाथ धोते रहें।
बीमारी के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें
अच्छा महसूस न होने पर, खुद को आइसोलेट कर लें
इसके लावा हेल्दी डाइट लें और अपने लाइफस्टाइल को दुरुस्त रखें। पूरी नींद लें और कोशिश करें कि समय पर सोएं।
