सावन में क्यों नहीं खाना चाहिए दही और साग? धार्मिक के साथ वैज्ञानिक कारण जानकर गलती से भी नहीं लगाएंगे हाथ

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  • Updated Jul 26, 2024, 04:27 PM IST

इस साल पावन सावन माह की शुरुआत 22 जुलाई से हो चुकी है। भगवान शंकर को समर्पित यह महीना हिंदू-रीति रिवाज के हिसाब से अपना एक अलग महत्व रखता है। जिसमें लोग अपने दैनिक जीवन में बहुत सी चीजों में काफी बदलाव करते हैं। इस महीने में लोग रहने से लेकर खाने पीने तक की अपनी आदतों में बदलाव करते हैं। आइए जानते हैं क्यों सावन में साग और दही खाने की मनाही होती है।

भगवान शंकर को समर्पित सावन का महीना शिव भक्तों के लिए काफी खास होता है। इस माह में लोग भक्ति के अलावा भी बहुत से नियमों को फॉलो करते हैं। जिसमें कुछ खानपान और रहन-सहन के नियम भी शामिल हैं। आपने अक्सर बडे़-बुजुर्गों को यह कहते जरूर सुना होगा कि, सावन का महीना चालू गया है, इस माह में हमें यह काम करना और यह काम बिल्कुल नहीं करना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए हम आपको बताने जा रहे हैं कि सावन में दही और साग का सेवन करने की मनाही क्यों होती है। इन दोनों ही चीजों को न खाने के पीछे न केवल धार्मिक कारण हैं बल्कि इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण भी हैं। आज हम आपको ऐसे ही कुछ वैज्ञानिक कारणों को बताने जा रहे हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि सावन में कुछ चीजों को न खाने के पीछे क्या कारण होता है।

Food to avoid in sawan

सावन में खानपान के धार्मिक कारण

सावन में खानपान के पीछे अगर धार्मिक कारणों की बात की जाए तो ऐसा कहा जाता है कि यह भगवान शंकर की उपासना का माह है। जिसमें हमें सात्विक भोजन करना चाहिए। क्योंकि सात्विक भोजन करने से हमारा शरीर तो शुद्ध होता ही है, इससे हमारी आध्यात्मिक चेतना भी मजबूत होती है। दही और साग दोनों ही हमारी सेहत के लिए अच्छे होते हो, लेकिन इन्हें बनाने के तरीके के कारण ये सात्विक भोजन में शामिल नहीं होते हैं। इसके साथ ही मान्यता यह भी है कि सावन के महीने में भगवान शंकर पर पर दूध और दही चढ़ाया जाता है। ऐसे में हमें ऐसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए जिसे हम अपने इष्ट को समर्पित कर रहे हैं।

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