Whooping Cough Outbreak: काली खांसी एक गंभीर स्थिति है, जिसमें लोगों को कई-कई हफ्तों तक लगातार खांसी की समस्या का सामना करना पड़ता है। यह बहुत आम समस्या है और लोगों को में काफी देखने को भी मिलती है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, श्वसन संबंधी एक गंभीर बीमारी है, जो एक इंसान से दूसरे इंसान में आसानी से फैल सकती है। वायरस हवा के जरिये एक इंसान से दूसरे तक पहुंचते हैं। लेकिन अब यह स्थिति धीरे-धीरे वैश्विक महामारी का रूप ले रही है। विश्वभर में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आपको बता दें कि इसकी वजह से बहुत से लोग अपनी जान गवां चुके हैं। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में भी यह स्थिति काफी तेजी से फैल रही है। आंकड़ों की मानें तो पिछले साल की तुलना में इस साल के शुरुआती दो महीनों में काली खांसी के 20 गुना से अधिक मामले सामने आए हैं। आपको बता दें कि इन दो महीनों में चीन में काली खांसी की वजह से 13 लोगों की जान जा चुकी है। 2024 के शुरुआती दो महीनों में काली खांसी के 32,380 नए मामले देखने को मिले हैं। ऐसे में यह बहुत आवश्यक है कि इससे बचाव के लिए कुछ जरूरी सावधानी बरतें। साथ ही, इसके लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।
Whooping Cough Outbreak
काली खांसी के लक्षण क्या होते हैं - Symptoms Of Whooping Cough In Hindi
जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, काली खांसी होने पर व्यक्ति को बहुत गंभीर खांसी होती है। इसकी शुरुआत आम सर्दी की तरह होती है। यही कारण है कि आमतौर लोग इसे सर्दी-खांसी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह खांसी 1-2 हफ्तों में गंभीर रूप ले लेती है। इसके लक्षण हरेक व्यक्ति में अलग-अलग देखने को मिल सकते हैं। इसके कुछ आम लक्षणों में शामिल हैं,
- जोर-जोर से खांसना और लंबे समय तक खांसी आना
- नाक बहना या बंद होना
- छींक आना
- कभी-कभी हल्की खांसी या बुखार
- होंठ, जीभ और नाखून नीले पड़ सकते हैं
- आंखों में पानी और पीड़ा महसूस होना
- पीड़ादायक, पानी भरी आँखें
आपको बता दें कि काली खांसी होने पर इस तरह के लक्षण 10 हफ्तों तक देखने को मिल सकते हैं। यह लोगों में निमोनिया और कई अन्य जटिलताओं के खतरे को भी बढ़ाता है। अगर किसी व्यक्ति को ये लक्षण नोटिस होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
काली खांसी का इलाज क्या है - Whooping Cough Treatment In Hindi
काली खांसी के उपचार के लिए डॉक्टर व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य और चिकित्सा इतिहास पर ध्यान देते हैं। उसके बाद वे कुछ दवाओं की मदद से स्थिति का इलाज करते हैं। नवजात शिशु और गर्भवती महिलाओं को एंटीबायोटिक दवाएं दी जाती हैं। आमतौर पर डॉक्टर काली खांसी इलाज दवाओं से करने में सक्षम होते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता भी हो सकती है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
