PM Narendra Modi In Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में एक गर्व की बात शेयर की। भारत अब एक ऐसी आंखों की खतरनाक बीमारी से मुक्त हो चुका है, जिसने लोगों को सालों परेशान किया। इस बीमारी का नाम है ट्रेकोमा, एक ऐसी आंखों की बीमारी जो धीरे-धीरे लोगों को अंधा बना सकती है और सालों तक भारत में लोगों को परेशान करती रही।
WHO Declared India Trachoma Free
लेकिन अब राहत की बात ये है कि भारत को WHO यानी वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने ट्रेकोमा से पूरी तरह मुक्त घोषित कर दिया है। ये खबर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में शेयर की। आइए जानते हैं ट्रेकोमा क्या है, इसे खत्म करने में कितना समय लगा और अब भी हमें क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए।
क्या होती है ट्रेकोमा बीमारी - What Is Trachoma In Hindi
ये एक संक्रामक आंखों की बीमारी है, जो गंदगी, दूषित पानी और खराब सफाई से फैलती है। इसमें आंखों में जलन, खुजली, सूजन और बार-बार पानी आना जैसे लक्षण दिखते हैं। इलाज न होने पर ये बीमारी आंखों की पलक को अंदर की ओर मोड़ देती है, जिससे कॉर्निया खराब होता है और अंधापन भी हो सकता है।
भारत को ट्रेकोमा से मुक्त होने में कितना वक्त लगा?
ये काम रातों-रात नहीं हुआ है। ट्रेकोमा को हटाने में कई साल लगे। खासतौर पर 2010 के बाद जब सरकार ने स्वच्छता, साफ पानी और इलाज पर फोकस किया, तो हालात तेजी से सुधरे। गांव-गांव जाकर जांच, दवा वितरण और लोगों को जागरूक करने जैसे कदम उठाए गए। तब जाकर भारत को 2024 तक ट्रेकोमा मुक्त बनाने में सफलता मिली।
WHO ने कैसे दी भारत को क्लीन चिट?
WHO ने देशभर में सर्वे किए, डॉक्टरों से रिपोर्ट लीं और आंखों के मरीजों का डेटा देखा। जब ये तय हो गया कि अब ट्रेकोमा भारत में पब्लिक हेल्थ प्रॉब्लम नहीं रही, तो भारत को ट्रेकोमा मुक्त घोषित कर दिया गया।
PM मोदी ने क्यों बताया ये गर्व की बात?
मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि ये भारत की हेल्थ और स्वच्छता से जुड़ी सबसे बड़ी जीतों में से एक है। उन्होंने इसे 140 करोड़ देशवासियों की मेहनत और जागरूकता का नतीजा बताया।
अब किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
अब जब हमने इस बीमारी को हरा दिया है, तो जरूरी है कि सावधानी और सफाई से इसे दोबारा लौटने न दें। ऐसे में इन बातों का खास ध्यान रखें,
- रोज आंखों की सफाई करें
- साफ पानी और साबुन का इस्तेमाल करें
- बच्चों की आंखों का ख्याल रखें
- आंखों में जलन हो तो नजरअंदाज न करें
- समय पर डॉक्टर से जांच कराएं
भारत का ट्रेकोमा मुक्त होना न सिर्फ एक मेडिकल उपलब्धि है, बल्कि यह बताता है कि सामूहिक प्रयासों से कोई भी बीमारी जड़ से खत्म की जा सकती है। अब जरूरी है कि हम इस जागरूकता को बनाए रखें ताकि यह बीमारी दोबारा लौटकर न आए।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
