WHO changes COVID vaccine recommendations : विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंगलवार को COVID-19 से संबंधित वैक्सीनेशन में अपनी सिफारिशों को बदलाव किया है। WHO ने सुझाव देते हुए कहा कि जहां जिस आबादी को कोविड होने हाई रिस्क है वहां लोगों बूस्टर डोज के अलावा 12 महीने के बाद वैक्सीन का एक और डोज दिया जाना चाहिए।
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स्वास्थ्य एजेंसी ने हाई रिस्क वाली आबादी में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ युवाओं में रिस्क फैक्टर को ध्यान में रखते हुए उन्हें शामिल किया गया है।
इस समूह के लिए, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उम्र और इम्यूनोकॉम्प्रोमाइजिंग स्थितियों को ध्यान में रखते हुए। हाल ही में लगे टीके के 6 या 12 महीने बाद एक अतिरिक्त वैक्सीन शॉट की सिफारिश किया है।
डब्ल्यूएचओ ने स्वस्थ बच्चों और टीन ऐजर्स वाले समूह को "कम प्राथमिकता" के रूप में परिभाषित किया और देशों से इस समूह का वैक्सीनेशन करने से पहले उनमें बीमारी के जोखिम या अन्य रिस्क फैक्टर को ध्यान में रखते हुए ही वैक्सीन देने का आग्रह किया है।
बता दें कि सभी देश अपनी आबादी के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाते हैं। यूनाइटेड किंगडम और कनाडा जैसे कुछ हाई इनकम वाले देश पहले से ही फ़्लू के मौसम (सर्द से गर्म या गर्म से सर्द) में हाई रिस्क वाले पेशेंट को उनकी अंतिम खुराक के छह महीने बाद COVID-19 बूस्टर की पेशकश कर रहे हैं।
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि यह सिफारिश उन लोगों के एक सबग्रुप के लिए के विकल्प के तौर पर है जिन्हें विशेष रूप से हाई रिस्क था। लेकिन बेस्ट प्रैक्टिस के लिए सिफारिश को गाइड के तौर पर अमल में लाना चाहिए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि संस्था की एक्सपर्ट टीम ने यह भी कहा था कि इंशियल सीरीज में माइल्ड रिस्क वालों के लिए COVID - 19 VACCINE के दो शॉट्स और एक बूस्टर डोज नियमित रूप सभी को देने के लिए रिकमंड नहीं किए गए थे।
