White Rice Vs Brown Rice for Weight Loss : भारत के मुख्य आहार की बात करें तो गेहूं और चावल दो ऐसे अनाज हैं, जो भारत में भरपूर मात्रा में खाए जाते हैं। वहीं बात करें भारत के कुछ हिस्सों की तो वहां का मुख्य खाद्य अनाज चावल ही है। लेकिन भारत में सफेद चावल की बहुतायत में खाया जाता है। राजमा चावल हो या चिकन बिरयानी, खीर हो कढ़ी चावल देश भर में चावल की अलग-अलग डिश बनाकर खाई जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बहुत से लोग चावल का सेवन यह सोचकर बंद कर देते हैं कि यह आपके वजन को बढ़ाने का काम करता है। तो कुछ वेट लॉस के लिए सफेद चावल छोड़कर ब्राउन राइस का सेवन करना शुरू कर देते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि वेट लॉस के लिए दोनों में से क्या है बेहतर?
सफेद चावल और ब्राउन राइस में पोषक तत्व
सफेद चावल हो या ब्राउन राइस दोनों में ही पोषक तत्व पाए जाते हैं। जैसे बात करें कार्बोहाइड्रेट की तो यह सफेद और ब्राउन दोनों चावलों में पाया जाता है। लेकिन ब्राउन राइस एक साबुत चावल है जबकि सफेद चावल एक रिफाइंड चावल है। जिसे पॉलिश करके बनाया जाता है। चावल पर हुई पॉलिशिंग के कारण इसके पोषक तत्वों में भी कमी आ जाती है। ब्राउन राइस में कार्बोहाइड्रेट और मैग्नीशियम जैसे तत्वों की मात्रा सफेद चावल से ज्यादा पाई जाती है। जो हमारे लिए फायदेमंद होती है।
वेट लॉस के लिए कौन सा चावल है बेस्ट?
वेट लॉस के दौरान हमें कैलोरी इंटेक का ध्यान हमेशा रखने की जरूरत होती है। इसलिए इस समय ऐसी डाइट लेनी चाहिए जो लो कैलोरी हो। सफेद चावल में ब्राउन राइस की तुलना में कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है, जो इसे वेट लॉस के लिए एक बेस्ट ऑप्शन बना देती है। इसके अलावा फाइबर की मात्रा भी ब्राउन राइस में ज्यादा पाई जाती है। जो हमारी वेट लॉस में काफी मदद करता है। इससे साबित होता है कि वेट लॉस के लिए ब्राउन राइस सफेद चावल से ज्यादा कारगर साबित होता है।
ब्राउन राइस के फायदे
- ब्राउन राइस एक ग्लूटेन फ्री अनाज है इसलिए इसे डायबिटीज के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।
- इसके अलावा इसमें मैग्नीशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट रोगों के लिए फायदेमंद बनाता है।
- ब्राउन राइस में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जो मोटापे से परेशान लोगों के लिए काफी फायदेमंद होता हैं। इसके साथ ही ब्राउन राइस कब्ज से छुटकारा दिलाने में भी कारगर हैं।
- ब्राउन राइस में सेलेनियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो हमारे थायराइड हार्मोन के उत्पादन को दुरुस्त करने का काम करता है।
