What Is The Right Age For Menopause In Hindi : मेनोपॉज (Menopause) एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। ये महिला के प्रजनन काल के अंत में सामने आती है। इसका मतलब है कि जब महिला का मासिक धर्म स्थायी रूप से बंद हो जाता है, तो इसे मेनोपॉज कहा जाता है। साफ शब्दों में कहें तो यह प्रजनन क्षमता के अंत को दर्शाता है। यह किसी भी महिला के जीवन के जीवन में आने वाला एक महत्वपूर्ण चरण है, जो महिलाओं के शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है। अक्सर महिलाएं मेनोपॉज की जानकारी के अभाव में गलत भ्रांतियां पाल लेती हैं। लेकिन आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताएंगे कि मेनोपॉज की सही उम्र क्या है और इसके शरीर पर क्या प्रभाव दिखते हैं। इस विषय को लेकर हमने बात की मारेंगो एशिया अस्पताल, फरीदाबाद की एसोसिएट डायरेक्टर- प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्वेता मेंदीरत्ता से....
क्या है मेनोपॉज की उम्र?
डॉ. श्वेता मेंदीरत्ता कहती हैं कि रजोनिवृत्ति यानी मेनोपॉज एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है जो महिला के मासिक धर्म चक्र के अंत को बताती है। मेनोपॉज आमतौर पर 45 से 55 वर्ष की आयु की महिलाओं के बीच होता है। जिसकी औसत आयु लगभग 51 वर्ष हो सकती है। हालाँकि, जेनेटिक्स, स्वास्थ्य समस्याएं और जीवनशैली के कारकों के आधार पर अलग-अलग महिलाओं में आयु भिन्न हो सकती है। जबकि कुछ विशेष कंडीशन से जूझ रही महिलाओं को केवल 40 की उम्र में ही मेनोपॉज का अनुभव हो सकता है, जबकि कुछ महिलाएं 55 साल के बाद इसका अनुभव करती हैं। हालांकि ज्यादातर महिलाओं को मेनोपॉज की उम्र 50-51 साल होती है।
असामान्य मेनोपॉज किसे कहते हैं?
डॉ. श्वेता मेंदीरत्ता की मानें तो समय से पहले या समय के बाद (45 से 55 साल) मेनोपॉज दोनों को ही असामान्य कहा जाता है। जो मेनोपॉज 45 वर्ष की आयु से पहले होता है, उसका कारण मेडिकल ट्रीटमेंट, सर्जरी या कुछ अन्य स्वास्थ्य कारण हो सकते है। जबकि दूसरी ओर देर से मेनोपॉज जो 55 वर्ष की आयु के बाद होता है, उसे भी सामान्य नहीं कहा जाता है। हालांकि 55 साल तक मेनोपॉज न होना काफी कम देखने को मिलता है। जब आपको मासिक धर्म (पीरिएड्स) आए लगभग 12 महीने का समय बीत जाए तो इसे मेनोपॉज माना जाता है।
मेनोपॉज के लक्षण और शरीर पर प्रभाव
मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को विभिन्न शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिसमें से कुछ सामान्य लक्षणों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
- हॉट फ्लशेज (Hot flashes)
- रात में पसीना आना (Night sweats)
- मूड स्विंग्स (Mood swings)
- नींद में समस्या (Sleep disturbances)
- याददाश्त में कमी (Memory lapses)
- हड्डियों की कमजोरी (Osteoporosis)
- हार्ट रोगों का खतरा बढ़ना (Heart Disease)
मेनोपॉज में हेल्दी रहने के उपाय
मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को निम्नलिखित उपायों को अपनाने की सलाह दी जाती है। जिसमें से आप हमारे बताए कुछ जरूरी उपायों को फॉलो कर इस मुश्किल समय से आसानी से गुजर सकती हैं।
- मेनोपॉज के दौरान आपकी डाइट में कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर फूड्स होने चाहिए।
- मेनोपॉज के दौरान रोजाना एक्सरसाइज करने से हड्डियों की मजबूती और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
- मेनोपॉज के दौरान मानसिक स्वास्थ्य काफी प्रभावित होता है, जिसे योग, ध्यान और प्राणायाम से ठीक रख सकते हैं।
- मेनोपॉज के दौरान नियमित रूप से डॉक्टर से परामर्श लें और आवश्यक स्वास्थ्य जांचें जरूर करवाएं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
