खराब खानपान और लाइफस्टाइल का बदलाव हमारे कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण होते हैं, ऐसा आपने अक्सर सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पिछले 8-10 साल में भारत में हार्ट रोगों के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। जिसकी सबसे बड़ी वजह लोगों का बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल लेवल है। इंडियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक शोध की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 15% युवाओं को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, जो दुनियाभर की तुलना में 8-10% के औसत से कहीं ज्यादा है। आइए जानते हैं क्या है रिपोर्ट और क्या बताया कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण?
रिपोर्ट में क्या आया सामने?
रिपोर्ट की मानें तो भारतीय लोगों में बढ़ रहे कोलेस्ट्रॉल के मामले का पीछे फास्ट फूड और अनहेल्दी लाइफस्टाइल नहीं है। इसमें बताया गया है कि भारतीयों में हाई कोलेस्ट्रॉल के पीछे सबसे अहम कारण आनुवंशिकी (Genetics) है। जिसे पारिवारिक 'हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया' के नाम से भी जाना जाता है। इसके कारण कम आयु में भी हार्ट रोगों के मामले सामने आ रहे हैं।
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क्यों बढ़ रहा कोलेस्ट्रॉल लेवल
हेल्थ रिपोर्ट की मानें तो भारतीय लोगों में बढ़ रहे कोलेस्ट्रॉल का कारण लिपोप्रोटीन की मात्रा बढ़ जाना है। जो उनके लिपिड प्रोफाइल में बढ़ी हुई देखने को मिलती है। भारत में यह आंकड़ा 25% लोगों में ज्यादा पाया गया जबकि दुनिया भर में यह 20% से कम देखने को मिलता है। वहीं बात करें राज्यों के हिसाब से तो भारत के दो राज्य गोवा और केरल में इन लोगों की संख्या ज्यादा सामने आई है।
भारत में तेजी से बढ़ रहे हार्ट पेशेंट
रिपोर्ट की मानें तो भारत में करीब 80% लोगों की लिपिड प्रोफाइल खराब है। जिसके चलते देश में तेजी से हार्ट रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। भारत में एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम के लगभग 20% मामले 45 साल के कम आयु के थे। इस रिपोर्ट से साबित होता है, कि देश में बढ़ते हार्ट पेशेंट के मामले जेनेटिक कारणों की वजह हैं।
