एक्सरसाइज के बाद केवल नहाना काफी नहीं करें आइस बाथ, जानें इसके फायदे और करने का सही तरीका

पिछले कुछ साल में ‘आइस बाथ’ का चलन तेजी से बढ़ा है। दुनिया भर में खुद को स्वस्थ रखने वाले और व्यायाम करने वाले लोग इसे अपना रहे हैं, हालांकि पहले केवल एथलीट ही इसका उपयोग करते थे। ‘आइस बाथ’ का मतलब बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़ों से भरे पानी में नहाना है। इसमें आपको एक निश्चित समय के लिए बहुत ठंडे पानी में रहना पड़ता है।

एक्सरसाइज के बाद अक्सर एथिलीट नहाने का नियम जरूर बनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिपंल बाथ की जगह यदि आप आइएस बाथ लेते हैं तो इससे आपकी सेहत को काफी फायदा पहुंच सकता है। ‘आइस बाथ’ में पानी का तापमान आमतौर पर 10-15 डिग्री सेल्सियस तक होता है, हालांकि कई लोग ऐसे पानी में नहाना पसंद करते हैं, जो सचमुच बर्फीला होता है। सोशल मीडिया पर ‘आइस बाथ’ लेने वाले कई लोगों के वीडियो उपलब्ध हैं। इन लोगों का मानना है कि ‘आइस बाथ’ कसरत की थकान से उबरने से लेकर मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद करता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

benefits of ice bath

कसरत की थकान से उबरने के लिए ‘आइस बाथ’

‘आइस बाथ’ लेने का मुख्य कारण मांसपेशियों में दर्द को कम करना और व्यायाम के बाद थकान से उबरना है। धावक, भारोत्तोलक और फुटबॉल खिलाड़ी सहित एथलीट आमतौर पर ‘आइस बाथ’ का उपयोग करते हैं। इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि ‘आइस बाथ’ लेने से कसरत के बाद होने वाली थकान को दूर किया जा सकता है। शोध से पता चला है कि गहन व्यायाम के तुरंत बाद ‘आइस बाथ’ लेने से अगले कुछ घंटों और दिनों में मांसपेशियों का दर्द कम हो सकता है। ‘आइस बाथ’ से मांसपेशियों की ताकत, मजबूती और लचीलापन जैसी चीजों में मदद मिल सकती है।

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