सेहत का कबाड़ा कर रहा है अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, कम उम्र में ही बढ़ा रहा मोटापा, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल

भारतीय युवाओं में आखिर मोटापा, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल के मामले क्यों बढ़ रहे हैं - लैंसेट की नई रिसर्च में इसका खुलासा हुआ है। सेहत का कबाड़ा करने में हमारी रुटीन की डाइट में शामिल हो चुका अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड सबसे बड़ा फैक्टर है। पढ़ें पूरी जानकारी।

Health Study: लैंसेट द्वारा किए गए एक नए अध्ययन से पता चला है कि भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की बिक्री वर्तमान में अपने उच्चतम स्तर पर है, जिसमें अधिकांश ग्राहक 30 वर्ष से कम उम्र के हैं। भारत में इसके परिणामस्वरूप मोटापा और मधुमेह बढ़ रहा है। मेडिकल जर्नल में इस सीरीज को तीन-पेपर श्रृंखला में प्रकाशित किया गया है जिसमें अल्ट्रा-प्रोसेस्ड भोजन को वसा, चीनी और नमक में सुपर उच्च के रूप में परिभाषित है। यह भी बताया गया है कि ये चीजें एडिटिव्स, स्टेबलाइजर्स, इमल्सीफायर्स, रंग और स्वाद वाले पदार्थों जैसे हानिकारक सामग्री से भरी होती है।

junk and processed food

सेहत का कबाड़ा कर रहा है अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (Pic: iStock)

43 वैश्विक लेखकों द्वारा लिखित और सारणीबद्ध पत्रों से पता चला कि भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की बिक्री 2006 में 0.9 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2019 में लगभग 38 बिलियन डॉलर हो गई। यानी इनकी में चालीस गुना वृद्धि हुई है। अधिकांश खुदरा दुकानों पर अब पहले से पैक किए गए खाद्य और पेय उत्पादों जैसे चॉप, रेडी-टू-ईट नूडल्स, बिस्कुट, मीठे पेय और पैकेज्ड ब्रेकफास्ट अनाज आदि टॉप पर हैं। ये सभी न केवल बच्चों और युवाओं को आकर्षित करने के लिए आकर्षक रूप से पैक किए जाते हैं, बल्कि उन्हें स्वादों का आदी भी बनाते हैं।

End of Feed