पाचन तंत्र के आखिरी हिस्से यानी बड़ी आंत को कोलन कहा जाता है। इसमें होने वाले कैंसर कोलन कैंसर या कोलोरेक्टल कैंसर कहा जाता है। कोलन कैंसर को लेकर अमेरिका में हुई एक स्टडी में ये बात सामने आई है, कि कुछ खास तरह के कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल करने से अमेरिका के युवाओं में कोलन कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। आमतौर पर तेल को कोलेस्ट्रोल से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इस शोध ने लोगों को चौंका दिया है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्यों बढ़ रहा है कोलन कैंसर का खतरा और कौन से कुकिंग ऑयल आपकी सेहत के लिए खतरनाक साबित होते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
कहां हुआ शोध?
कोलन कैंसर को लेकर हुए इस शोध को अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ फ्लोरिडा के एक्सपर्ट ने किया। जिसके आंकडो जर्नल गट में प्रकाशित किए गए हैं। इस अध्ययन में 30 से 85 साल के कुल 80 लोगों को शामिल किया गया था। इस शोध के आंकड़ों की मानें तो एक अमेरिकी लगभग औसतन 100 पाउंड सीड ऑयल का सेवन साल भर में कर रहा है।
क्या कहता है शोध?
शोध की मानें तो ज्यादा खाने में इस्तेमाल किए जाने वाले तेल जैसे सनफ्लावर, कैनोला, मक्का और अंगूर के बीज से बने कई तेलों का ज्यादा इस्तेमाल करने से आपके शरीर में इंफ्लेमेशन की समस्या पैदा हो जाती है। जो धीरे-धीरे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम की कारण बन जाती है। ये तेल हमारे शरीर में जाकर शरीर की ट्यूमर के खिलाफ लड़ने की क्षमता को कमजोर कर देते हैं। यही कारण है कि ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स को भी कोलन कैंसर का कारण माना जाता है, क्योंकि उन्हें तैयार करने में इन तेलों का इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि अमेरिका की कैंसर और हार्ट रोगों से जुड़ी एक संस्था का कहना है कि इस बात को पुष्ट करने के लिए भरपूर प्रमाण नहीं हैं कि इन ऑयल के कारण कोलन कैंसर होता है। लेकिन ये स्टडी यह जरूर साफ करती है कि इन ऑयल का इस्तेमाल करने से आपके शरीर में इन्फ्लेमेशन की समस्या हो सकती है।
