Exercises For Better Mental Health: जैसे हम शरीर को फिट रखने के लिए जिम या योग करते हैं, वैसे ही हमारे दिमाग को भी फिट रखने के लिए एक्सरसाइज की जरूरत होती है। उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त कम होना, फोकस घट जाना या जल्दी चीजें भूल जाना आम बात है। लेकिन अच्छी खबर ये है कि रिसर्च के मुताबिक, कुछ खास मेंटल एक्सरसाइज (Mental Exercises) से दिमाग की उम्र को रिवर्स किया जा सकता है। यानी जैसे-जैसे हम बूढ़े होते हैं, वैसे-वैसे हमारा मस्तिष्क भी जवान और सक्रिय रह सकता है। आइए जानते हैं वो 5 एक्सरसाइज जो आपके ब्रेन को दे सकती हैं नई एनर्जी।
Exercises For Better Mental Health
दिमाग का सबसे अच्छा जिम
रिसर्च में पाया गया है कि रोजाना कुछ मिनट पजल्स, सुडोकू, क्रॉसवर्ड या ब्रेन गेम्स खेलने से दिमाग की सोचने-समझने की क्षमता बढ़ती है। ये एक्टिविटीज मस्तिष्क की नई कोशिकाओं को सक्रिय करती हैं और न्यूरॉन्स के बीच बेहतर कनेक्शन बनाती हैं। इससे याददाश्त और ध्यान दोनों मजबूत होते हैं। मतलब, जैसे मसल्स को स्ट्रेंथ मिलती है वर्कआउट से, वैसे ही ब्रेन को मिलता है ये गेम्स से!
दिमाग के लिए सबसे बढ़िया ट्रेनिंग
जब भी आप कुछ नया सीखते हैं, चाहे वो भाषा हो, कोई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट या नई हॉबी, आपका मस्तिष्क नए न्यूरल कनेक्शन बनाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग की एक स्टडी के मुताबिक, नई स्किल सीखने वाले लोगों का कॉग्निटिव फंक्शन (Cognitive Function) बाकी लोगों से ज्यादा एक्टिव पाया गया। इसलिए हर उम्र में कुछ नया सीखने की आदत डालिए - इससे ब्रेन हमेशा जवान रहेगा।
मेडिटेशन से तनाव कम और दिमाग
मेडिटेशन न सिर्फ मन को शांत करता है, बल्कि दिमाग के लिए भी चमत्कारी काम करता है। रिसर्च के अनुसार, नियमित ध्यान करने से हिप्पोकैम्पस (Hippocampus) नामक दिमाग के हिस्से की ग्रोथ बढ़ती है, जो याददाश्त और भावनाओं को नियंत्रित करता है। दिन में सिर्फ 10-15 मिनट ध्यान लगाने से स्ट्रेस हार्मोन कम होते हैं और दिमाग की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाती है।
मेमोरी पावर का बूस्टर
आजकल सब कुछ मोबाइल या कंप्यूटर पर टाइप करने की आदत हो गई है, लेकिन रिसर्च कहती है कि हाथ से लिखने की आदत दिमाग के लिए बेहद फायदेमंद होती है। जब आप पेन-पेपर से कुछ लिखते हैं, तो ब्रेन ज्यादा एक्टिव तरीके से सोचता है और जानकारी को लंबे समय तक याद रखता है। यानी अगर आप नोट्स लिखते हैं, तो आपकी मेमोरी पावर बढ़ेगी।
शारीरिक गतिविधियां हैं ब्रेन हेल्थ की कुंजी
जी हां, शारीरिक एक्सरसाइज सिर्फ शरीर को नहीं, बल्कि दिमाग को भी फायदा पहुंचाती है। जब आप चलना, योग करना या हल्का व्यायाम करते हैं, तो मस्तिष्क में ब्लड फ्लो बढ़ता है और ऑक्सीजन की सप्लाई बेहतर होती है। इससे कॉग्निटिव हेल्थ सुधरती है और दिमाग की एजिंग प्रोसेस धीमी हो जाती है। यानी एक्टिव बॉडी का मतलब है एक्टिव माइंड।
दिमाग को भी दें फिटनेस का समय
दिमाग की उम्र बढ़ना अब सिर्फ उम्र पर निर्भर नहीं करता। अगर आप रोज थोड़ी सी मेंटल एक्सरसाइज करेंगे, तो ब्रेन न सिर्फ एक्टिव रहेगा बल्कि ज्यादा समय तक तेज भी बनेगा। जैसे शरीर के लिए एक्सरसाइज जरूरी है, वैसे ही मस्तिष्क के लिए भी रूटीन बनाइए। याद रखिए - फिट बॉडी से ज्यादा जरूरी है फिट माइंड, क्योंकि असली पावर वहीं से आती है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
