Sinus Kya Hota hai in Hindi: सुबह उठते ही नाक बंद मिलना, सांस लेने में दिक्कत होना या माथे, कान और गालों के पास भारीपन महसूस होना काफी परेशान करने वाला हो सकता है। कई बार हम इसे मौसम बदलने या सामान्य जुकाम का असर समझकर छोड़ देते हैं। लेकिन अगर यही परेशानी बार-बार होने लगे तो इसकी वजह साइनस भी हो सकती है।
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साइनस हमारे चेहरे के अंदर मौजूद हवा से भरी छोटी जगहें होती हैं। ये नाक और आसपास के हिस्से से जुड़ी रहती हैं। जब इन जगहों की अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है या बलगम जमा होने लगता है, तो नाक बंद होने और चेहरे में दबाव जैसी दिक्कत महसूस हो सकती है। कई लोगों में ये समस्या कुछ दिनों में सही हो जाती है, लेकिन कुछ को यह बार-बार परेशान कर सकती है। इसलिए सिर्फ घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय यह समझना भी जरूरी है कि समस्या कितनी पुरानी है।
साइनस में क्या-क्या परेशानी हो सकती है?
इसमें नाक बंद या बहना, सिर में भारीपन, माथे या गालों में दबाव, सूंघने की क्षमता कम होना और गले में बलगम उतरना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ लोगों को खांसी या बुखार भी हो सकता है। अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें या बार-बार वापस आएं तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
राहत के लिए गर्म पानी का सहारा
- नाक बंद होने पर गर्म पानी से नहाना या कुछ देर गर्म और नम वातावरण में रहना आराम दे सकता है। इससे नाक की जकड़न कुछ कम महसूस हो सकती है।
- अगर माथे या गालों के आसपास दबाव महसूस हो रहा है तो हल्की गर्म सिकाई की जा सकती है। गर्म कपड़े से कुछ मिनट चेहरे के उस हिस्से को सेंकने से कई लोगों को आराम महसूस होता है।
- सलाइन यानी नमक मिले सुरक्षित पानी वाले नेजल स्प्रे का इस्तेमाल नाक को साफ रखने में मदद कर सकता है। अगर नाक की सफाई के लिए पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं तो साधारण नल का पानी सीधे न लें। स्टेराइल या उबालकर ठंडा किए गए पानी का इस्तेमाल करना जरूरी है।
