सुबह उठते ही फोन, चाय के साथ फोन, काम के बीच फोन और रात में बिस्तर पर जाते ही फोन। बेशक ही आज के दौर में फोन के बिना थोड़ी देर भी बिता पाना बहुत ही मुश्किल लगता है। ऑफिस का काम हो, पढ़ाई हो, परिवार से बात करनी हो या रास्ता ढूंढना हो, मोबाइल हर जगह काम आता है। लेकिन परेशानी तब शुरू होती है, जब फोन जरूरत से ज्यादा हर खाली पल की आदत बन जाए।
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घंटों बैठे रहना, लगातार स्क्रीन देखना और फोन के कारण चलना-फिरना कम होना शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता। WHO भी ज्यादा समय तक बैठे रहने और कम शारीरिक गतिविधि को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक मानता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मोबाइल फेंक देना चाहिए। असली खेल फोन छोड़ने का नहीं, उसे सही तरीके से इस्तेमाल करने का है।
ज्यादा फोन चलाने के नुकसान, Side Effects of using excessive Phone
चलना फिरना हुआ कम
जब हम मोबाइल में खोए होते हैं, तब अक्सर बैठे या लेटे होते हैं। एक वीडियो से दूसरा वीडियो और एक चैट से दूसरी चैट के बीच पता ही नहीं चलता कि काफी समय निकल गया। जिसके कारण हमारा दिमाग और आंखें तो दिन भर चलती है, लेकिन हम बिल्कुल भी हिलते ढुलते नहीं है। WHO के मुताबिक लंबे समय तक बैठे रहने वाला व्यवहार स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ा सकता है।
गर्दन-आंखें भी दे देंगी जवाब
मोबाइल देखते समय गर्दन नीचे झुकी रहती है। तो घंटों तक आंखें भी फोन में टिकी रहती है। जिसके कारण गर्दन, कंधे और पीठ में अकड़न या दर्द हो सकता है। और आंखों में थकान, सूखापन या भारीपन महसूस हो सकता है। ऐसे में हिलते ढुलते रहना और फोन से थोड़ी दूरी बनाएं रखना जरूरी है।
दिमाग को नहीं चाहिए हर समय नोटिफिकेशन
एक मैसेज, फिर रील, फिर न्यूज अपडेट और फिर किसी ऐप का नोटिफिकेशन। लगातार आने वाले फोन के नोटिफिकेशन्स दिमाग पर भी बुरा असर डालते हैं। इससे मानसिक थकान या ध्यान लगाने में परेशानी महसूस हो सकती है।
नींद पर होता है असर
ज्यादा फोन देखने से नींद पर सीधा असर होता है।
हालांकि ये समझना जरूरी है कि, आज के समय में मोबाइल को पूरी तरह छोड़ना न संभव नहीं है, लेकिन हमें जरूरत है तो बस अपनी सीमा तय करने की। खाते, सोते, उठते, बैठते, चलते समय जहां पर मुम्किन हो फोन से थोड़ा दूर रहें।
खाना खाते समय फोन अलग रखें। सोने से पहले लगातार स्क्रॉल करने से बचें। लंबे समय तक बैठे हैं तो उठकर थोड़ा चलें। हर नोटिफिकेशन को तुरंत देखने की आदत कम करें और दिन में कुछ समय ऐसा रखें जब फोन सिर्फ जरूरी काम के लिए ही उठे। ध्यान रखें कि, स्क्रीन के चक्कर में नींद, फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर बुरा असर न हो।
