आईपीएल सीजन 18 के फाइनल मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने जीत का मुकाम हासिल किया। आईपीएल के इतिहास में पहली बार RCB को जीत का स्वाद चखने को मिला। इस जीत की खुशी का श्रेय भारत से सलामी बल्लेबाज और RCB के कप्तान विराट कोहली को उनके फैंस दे रहे हैं। लेकिन इसी बीच एक परेशान करने वाली खबर भी सामने आई। जिसमें पता चला कि RCB की जीत का जश्न मना रहे एक फैन को हार्ट अटैक आ गया । जिसके चलते उसकी जान चली गई। अक्सर हम सोचते हैं कि दिल का दौरा केवल दुख या तनाव के समय होता है, लेकिन चिकित्सा विज्ञान यह साबित कर चुका है कि अत्यधिक खुशी भी दिल के लिए उतनी ही खतरनाक हो सकती है। हाल ही में RCB की जीत के बाद एक फैन की कार्डियक अरेस्ट से मौत इस बात का ज्वलंत उदाहरण है। इस बात को लेकर हमने बात की अमृता अस्पताल, फरीदाबाद में कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ कंसल्टेंट, डॉ. आशीष कुमार से...
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो RCB के फाइनल मैच जीतने के बाद खुशी में आए हार्ट अटैक से 28 साल के मंजूनाथ इरप्पा कांबर की मौत हो गई। कर्नाटक के रहने वाले मंजूनाथ इरप्पा कांबर का उम्र महज 28 साल थी और वह RCB के बहुत बड़े प्रशंसक थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार जीत का जश्न मनाने के दौरान वह अचानक जमीन पर गिर गए। जहां से उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उन्हें म़त घोषित कर दिया।
ज्यादा खुशी भी हो सकती है जानलेवा?
डॉ. आशीष कुमार की मानें तो इसे ‘Happy Heart Syndrome’ कहा जाता है, जो Takotsubo Cardiomyopathy का हिस्सा है। यह स्थिति किसी भावनात्मक झटके – चाहे वह सकारात्मक हो या नकारात्मक – के कारण होती है। European Heart Journal में प्रकाशित एक अध्ययन (2016) के अनुसार, Takotsubo के 4% मामले अत्यधिक खुशी जैसे इवेंट्स से जुड़े होते हैं, जैसे किसी खेल टीम की जीत, शादी, या अचानक कोई बड़ी खुशखबरी का मिलना।
ज्यादा खुशी का कैसे होता है शरीर पर असर?
डॉ. आशीष कुमार कहते हैं कि अत्यधिक उत्साह की स्थिति में शरीर में catecholamines हार्मोन (जैसे adrenaline) का स्तर कई गुना बढ़ जाता है। इससे दिल की मांसपेशियों में अस्थायी सूजन और रक्त प्रवाह में बाधा आ सकती है, जिससे हार्ट फेलियर या कार्डियक अरेस्ट जैसी स्थिति बन जाती है। विशेष रूप से वे लोग जो पहले से हार्ट रोग, हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं, उनके लिए यह स्थिति जानलेवा हो सकती है।
क्या है डॉक्टर की सलाह?
डॉ. आशीष कुमार कहते हैं कि, मेरी सलाह है कि खेलों और जीवन की खुशियों को जरूर मनाएं, लेकिन अपने शरीर के गंभीर संकेतों को नजरअंदाज कभी न करें। यदि अत्यधिक उत्तेजना के दौरान सांस फूलना, सीने में दर्द, चक्कर या तेज पसीना आने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत ECG कराएं और बिना देर किए नजदीकी अस्पताल जाएं। जीत का जश्न मनाना जरूरी है, लेकिन ऐसा न हो कि वह जश्न आपकी जिंदगी का आखिरी बन जाए। इसलिए संतुलित भावनाएं ही स्वस्थ दिल की कुंजी है।
