Ovarian Cyst : महिलाओं को अपनी लाइफ में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन परेशानियों में ओवेरियल सिस्ट शामिल है। ओवरी की सतह में पाई जाने वाली फ्लूड की थैली को ओवेरियन सिस्ट कहा जाता है। महिलाओं के शरीर में दो ओवरी यानी अंडाशय होता है, जो बादाम के आकार का होता है। इसमें फ्लूड जमा होने की परेशानी को ही ओवेरियन सिस्ट कहा जाता है। इस समस्या से ग्रसित महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं ओवेरियल सिस्ट के लक्षण और बचाव के क्या उपाय हैं?
ओवेरियन सिस्ट के कारण और लक्षण
ओवेरियन सिस्ट के लक्षण क्या हैं?
महिलाओं के ओवरी में कई बार सिस्ट होने पर इसके लक्षण दिखाई नहीं होते हैं। हालांकि, कभी-कभार इसके लक्षण सामने आ सकते हैं, जो निम्न हैं-
- पेल्विक में काफी दर्द होना
- पेट में सूजन की स्थिति
- पेट में भारीपन महसूस होना
- जी मिचलाना और पेट में दर्द जैसा महसूस होना
- इंटरकोर्स के दौरान काफी दर्द होना
- कमर और जांघ में दर्द होना
- ब्रेस्ट में कोमलता महूस होना
ओवेरियन सिस्ट के कारण
ओवेरियन सिस्ट शरीर में हार्मोनल परेशानियों की वजह से हो सकता है। इसके अलावा एंडोमेट्रियोसिस, प्रेग्नेंसी और पैल्विक में संक्रमण की वजह से भी ओवेरियस सिस्ट की परेशानी हो सकती है। इस परेशानी में तुरंत डॉक्टरी सलाह लें, ताकि आगे किसी भी तरह की गंभीरता को कम किया जा सके।
ओवेरियन सिस्ट के बचाव क्या हैं?
ओवेरियन सिस्ट से बचाव के लिए आपने अपने लाइफस्टाइल में बदलाव की जरूरत है। आइए जानते हैं इस बारे में
- डिब्बाबंद चीजों का सेवन न करें
- जंकफूड्स और फास्ट फूड्स से दूरी बनाकर रखें।
- मैदे से बनी चीजों का सेवन न करें
- तेल और मसालों से बनी चीजों से दूरी बनाकर रखें।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें।
- धूम्रपान और एल्कोहल से दूरी बनाकर रखें।
- रेशेदार फलों का सेवन करें।
- हरी सब्जियों का अधिक से अधिक सेवन करें।
- रात में जल्दी सोने की आदत दालें।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
